Assam: असम में आगामी चुनावों को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्य की जनता से 9 अप्रैल को मतदान के दौरान भाजपा सरकार को सत्ता से बाहर करने की अपील की। उन्होंने मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व वाली सरकार पर भ्रष्टाचार और सत्ता के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगाए और इसे “भ्रष्ट सीएम बनाम असम की जनता की लड़ाई” बताया।
भ्रष्टाचार और सत्ता के दुरुपयोग के आरोप
खड़गे ने आरोप लगाया कि असम में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है और सरकार जनहित के बजाय निजी हितों को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने दावा किया कि राज्य में एक “सिंडिकेट सिस्टम” चल रहा है, जिसके जरिए जमीन आवंटन में करीबी लोगों और कॉर्पोरेट संस्थाओं को फायदा पहुंचाया जा रहा है।
Assam: भाजपा के ‘जीरो टॉलरेंस’ पर सवाल
कांग्रेस अध्यक्ष ने भाजपा के भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ के दावे पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी और अमित शाह भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख की बात करते हैं, लेकिन असम में लगे आरोपों के बावजूद मुख्यमंत्री पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। खड़गे ने यह भी आरोप लगाया कि शीर्ष नेतृत्व ने सरमा को खुली छूट दे रखी है।
न्याय और कानून व्यवस्था का मुद्दा
खड़गे ने असमिया गायक जुबीन गर्ग से जुड़े एक मामले का जिक्र करते हुए राज्य में न्याय व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस सत्ता में आती है तो 100 दिनों के भीतर फास्ट-ट्रैक कोर्ट का गठन कर न्याय सुनिश्चित किया जाएगा और दोषियों को सजा दिलाई जाएगी।
Assam: कल्याणकारी योजनाएं और चुनावी वादे
महिलाओं को लेकर खड़गे ने भरोसा दिलाया कि कांग्रेस सरकार बनने पर मौजूदा वित्तीय सहायता योजनाएं बंद नहीं की जाएंगी, बल्कि उन्हें बढ़ाया जाएगा। उन्होंने भाजपा पर गलत जानकारी फैलाने का आरोप लगाया। साथ ही, उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस को इस चुनाव में करीब 73 सीटें मिल सकती हैं और पार्टी सरकार बनाने की स्थिति में होगी। उन्होंने मतदाताओं से बदलाव के लिए बढ़-चढ़कर मतदान करने की अपील की।








