Home » उत्तर प्रदेश » स्मार्ट मीटर पर योगी सरकार का सख्त एक्शन ओवरबिलिंग और बिजली कनेक्शन काटने पर रोक के निर्देश

स्मार्ट मीटर पर योगी सरकार का सख्त एक्शन ओवरबिलिंग और बिजली कनेक्शन काटने पर रोक के निर्देश

स्मार्ट मीटर पर योगी सरकार का सख्त एक्शन ओवरबिलिंग और बिजली कनेक्शन काटने पर रोक के निर्देश
Spread the love

Uttar Pradsesh: उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर को लेकर लगातार बढ़ती शिकायतों के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  ने अब सख्त रुख अपना लिया है। सरकार ने साफ कर दिया है कि आम उपभोक्ताओं के साथ किसी भी तरह का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बिजली व्यवस्था को पारदर्शी, जवाबदेह और भरोसेमंद बनाने के लिए बड़े फैसले लिए जा रहे हैं।

विशेषज्ञ समिति करेगी जांच, सच्चाई आएगी सामने

स्मार्ट मीटर से जुड़ी ओवरबिलिंग और तकनीकी खामियों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने विशेषज्ञ समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं। यह समिति पूरे मामले की गहराई से जांच करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि जहां भी गड़बड़ी है, वहां जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई हो। सरकार का मकसद साफ है—हर उपभोक्ता को न्याय मिले और सिस्टम में पारदर्शिता बनी रहे।

Uttar Pradsesh: बिना गलती नहीं कटेगा बिजली कनेक्शन

मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा है कि यदि किसी उपभोक्ता की कोई गलती नहीं है, तो उसका बिजली कनेक्शन किसी भी स्थिति में नहीं काटा जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कार्रवाई करते समय संवेदनशीलता बरती जाए और ईमानदार उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। यह फैसला उन लाखों लोगों के लिए राहत लेकर आया है जो गलत बिलिंग और अचानक कनेक्शन कटने की समस्या से जूझ रहे थे।

Uttar Pradsesh: फील्ड में उतरेंगे मंत्री और अधिकारी

सरकार अब सिर्फ बैठकों तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि जमीनी स्तर पर बदलाव लाने के मूड में है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि ऊर्जा मंत्री और पावर कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक खुद फील्ड में उतरकर व्यवस्थाओं का जायजा लें। वे उपभोक्ताओं से सीधे संवाद करेंगे और उनकी समस्याओं का मौके पर समाधान सुनिश्चित करेंगे। इसके साथ ही टोल-फ्री हेल्पलाइन को पूरी तरह सक्रिय रखने और शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण पर भी जोर दिया गया है।

बिजली व्यवस्था में बड़ा सुधार प्लान

प्रदेश में बिजली व्यवस्था को आधुनिक और डिजिटल बनाने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। करोड़ों उपभोक्ताओं वाले इस राज्य में स्मार्ट मीटरिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है और लाइन लॉस को कम करने के प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार का फोकस इस बात पर है कि बिजली सेवाएं अधिक पारदर्शी हों और उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की दिक्कत का सामना न करना पड़े।

Uttar Pradsesh: गांव-गांव तक बिजली, ट्रांसफॉर्मर पर फोकस

मुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली पहुंचाने को लेकर भी सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि जिन मजरों में कम से कम पांच घर हैं, वहां भी विद्युतीकरण सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही खराब ट्रांसफॉर्मर को जल्द से जल्द बदलने और तकनीकी मानकों का सख्ती से पालन करने पर जोर दिया गया है, ताकि गांवों में भी शहरों जैसी बिजली सुविधा मिल सके।आने वाले गर्मी के मौसम को देखते हुए सरकार ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं। सभी बिजली उत्पादन इकाइयों को पूरी क्षमता से संचालित रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि बढ़ती मांग के बावजूद आपूर्ति में कोई कमी न आए। साथ ही सौर ऊर्जा और पीएम कुसुम जैसी योजनाओं को तेजी से लागू करने पर भी बल दिया जा रहा है, जिससे ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों को बढ़ावा मिल सके।मुख्यमंत्री ने बिजली विजिलेंस की कार्रवाई को लेकर भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जांच के दौरान आम जनता को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए। कार्रवाई सख्त जरूर हो, लेकिन उसमें संवेदनशीलता और न्याय का संतुलन बना रहना चाहिए।

अब बिजली बनेगी भरोसे और जवाबदेही का मुद्दा

सरकार के इन फैसलों से साफ संकेत मिलते हैं कि अब उत्तर प्रदेश में बिजली सिर्फ एक सेवा नहीं, बल्कि जवाबदेही और भरोसे का विषय बन चुकी है। उपभोक्ताओं के हितों को प्राथमिकता देते हुए सिस्टम को मजबूत और पारदर्शी बनाने की दिशा में यह कदम एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है।

ये भी पढ़े: पाकिस्तान के बयान से भड़का इजरायल, नेतन्याहू ने रक्षा मंत्री के ‘कैंसर’ वाले बयान पर लगाई कड़ी फटकार

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments