ONGC chairman: भारत की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण बयान सामने आया है। ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन के चेयरमैन और सीईओ अरुण कुमार सिंह ने कहा है कि देश को कच्चे तेल और गैस के लिए मध्य पूर्व पर अपनी निर्भरता कम करनी चाहिए और घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देना समय की मांग है। उन्होंने यह बात पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड द्वारा आयोजित एक ऊर्जा सुरक्षा सम्मेलन में कही।
मध्य पूर्व पर अधिक निर्भरता चिंता का विषय
सिंह ने बताया कि भारत अपने कच्चे तेल का लगभग 50 प्रतिशत, प्राकृतिक गैस का 30 प्रतिशत और एलपीजी की 85-90 प्रतिशत जरूरत मध्य पूर्व से पूरी करता है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस क्षेत्र पर अत्यधिक निर्भरता भारत की ऊर्जा आपूर्ति को जोखिम में डाल सकती है, खासकर तब जब वैश्विक हालात अस्थिर हों।
ONGC chairman: वैश्विक संकट ने उजागर की कमजोरियां
हाल ही में पश्चिम एशिया में हुए संघर्ष और प्रमुख शिपिंग मार्ग के बाधित होने से ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई। इस स्थिति ने भारत समेत कई देशों को गैस आवंटन में प्राथमिकता तय करने के लिए मजबूर कर दिया। सिंह ने कहा कि इस तरह के घटनाक्रम भारत की आपूर्ति श्रृंखला की कमजोरियों को उजागर करते हैं।
घरेलू उत्पादन बढ़ाने पर जोर
सिंह ने स्पष्ट किया कि भारत को अपने भीतर तेल और गैस के संसाधनों की खोज तेज करनी होगी। उन्होंने कहा कि संकट के समय बाहरी मदद की उम्मीद नहीं की जा सकती, इसलिए देश को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आक्रामक कदम उठाने होंगे। खासकर गहरे समुद्र में अन्वेषण को बढ़ाने की जरूरत है, भले ही यह चुनौतीपूर्ण हो।
ONGC chairman: रणनीतिक भंडारण और भविष्य की तैयारी
ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए सिंह ने रणनीतिक भंडारण क्षमता बढ़ाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि वैश्विक बाजारों में बढ़ती अनिश्चितता और मूल्य अस्थिरता के बीच भारत को भविष्य के झटकों से बचने के लिए मजबूत भंडारण व्यवस्था तैयार करनी होगी।








