Tamil Nadu Politics: तमिलनाडु में नई सरकार के गठन को लेकर जारी राजनीतिक हलचल अभी खत्म होती नहीं दिख रही है। चुनाव परिणाम आए तीन दिन हो चुके हैं, लेकिन अब तक यह साफ नहीं हो पाया है कि राज्य में सरकार किसकी बनेगी। अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी TVK ने 108 सीटें जीतकर राजनीति में जोरदार शुरुआत की है, लेकिन पार्टी अभी बहुमत से दूर है।
शुरुआत में माना जा रहा था कि कांग्रेस के सशर्त समर्थन से TVK सरकार बना सकती है। इसी सिलसिले में विजय ने तीन दिनों के भीतर दो बार राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात भी की। हालांकि, राज्यपाल अभी इस बात से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं कि TVK के पास सरकार बनाने लायक पर्याप्त संख्या है।
DMK और AIADMK के साथ आने की चर्चा तेज
इसी बीच तमिलनाडु की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। चर्चा है कि लंबे समय से एक-दूसरे के विरोधी रहे DMK और AIADMK मिलकर सरकार बना सकते हैं। अगर ऐसा होता है, तो करीब 50 साल बाद दोनों दल एक साथ नजर आएंगे।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह गठबंधन विजय को सत्ता से दूर रखने के लिए किया जा सकता है। अगर ऐसा हुआ, तो तमिलनाडु में उत्तर प्रदेश जैसी राजनीतिक स्थिति देखने को मिल सकती है।

जब यूपी में सपा और बसपा साथ आए थे
उत्तर प्रदेश में साल 1993 में मुलायम सिंह यादव और कांशीराम ने मिलकर भाजपा को सत्ता से रोकने के लिए गठबंधन किया था। उस समय सपा और बसपा साथ आए थे।हालांकि, 1995 के चर्चित ‘गेस्ट हाउस कांड’ के बाद दोनों पार्टियों के रिश्तों में बड़ी दरार आ गई और वे कई सालों तक एक-दूसरे की विरोधी बनी रहीं।
इसके बाद 2019 के लोकसभा चुनाव में मायावती और अखिलेश यादव ने फिर से हाथ मिलाया था। उस समय ‘बुआ-बबुआ’ की जोड़ी काफी चर्चा में रही, लेकिन चुनाव परिणाम उम्मीद के मुताबिक नहीं आए। बाद में मायावती ने गठबंधन खत्म कर दिया। अब 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव से पहले फिर नए राजनीतिक समीकरण बनते और बिगड़ते नजर आ रहे हैं।
तमिलनाडु में दशकों से विरोधी हैं DMK और AIADMK
तमिलनाडु की राजनीति में DMK और AIADMK पिछले करीब 50 सालों से एक-दूसरे के मुख्य प्रतिद्वंद्वी रहे हैं। दोनों दल द्रविड़ राजनीति की विचारधारा से जुड़े हैं और लंबे समय तक एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ते हुए सरकार बनाते रहे हैं।
लेकिन इस बार विजय की पार्टी TVK की एंट्री ने दोनों दलों की राजनीतिक ताकत को प्रभावित किया है। यही वजह है कि अब दोनों पार्टियों के साथ आने की संभावना जताई जा रही है।
AIADMK महासचिव पलानीस्वामी का बड़ा दावा
राज्य में जारी सियासी अनिश्चितता के बीच AIADMK के महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने अपने विधायकों से कहा कि तमिलनाडु में अगली सरकार AIADMK ही बनाएगी।
इस चुनाव में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है। विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) ने 108 सीटें जीती हैं, लेकिन सरकार बनाने के लिए उसे अभी कम से कम 10 और विधायकों की जरूरत है। बहुमत का आंकड़ा पूरा नहीं होने की वजह से राज्यपाल ने विजय को सरकार बनाने का निमंत्रण नहीं दिया है।
Tamil Nadu Politics: पुडुचेरी के रिसॉर्ट में ठहराए गए विधायक
तमिलनाडु में तेजी से बदलते राजनीतिक हालात के बीच AIADMK ने अपने विधायकों को पड़ोसी राज्य पुडुचेरी के एक लग्जरी रिसॉर्ट में ठहराया है।पार्टी सूत्रों के मुताबिक, गुरुवार देर रात पलानीस्वामी ने रिसॉर्ट में विधायकों के साथ बैठक की। इस दौरान राज्य की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई।बताया जा रहा है कि बैठक में पलानीस्वामी को AIADMK विधायक दल का नेता चुना गया। विधायकों ने उनके समर्थन में हस्ताक्षर किए हुए पत्र भी सौंपे।
सूत्रों के अनुसार, पलानीस्वामी ने विधायकों का मनोबल बढ़ाते हुए उन्हें धैर्य रखने की सलाह दी। उन्होंने भरोसा जताया कि तमिलनाडु में आखिरकार AIADMK की ही सरकार बनेगी।
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