Breaking News
Home » नई दिल्ली » महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता में पड़े कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने अमित शाह को पत्र लिख की ये बड़ी मांग…

महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता में पड़े कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने अमित शाह को पत्र लिख की ये बड़ी मांग…

कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह

Mahila Suraksha: कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर दिल्ली में उत्तर-पूर्व के लोगों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। पत्र में हाल ही में दिल्ली के नेहरू प्लेस में असम और बिहार की महिलाओं के साथ कथित बदसलूकी और नस्लीय टिप्पणी की घटना का उल्लेख किया गया है।

सख्त कदम उठाने की मांग

गौरव गोगोई ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस से उत्तर-पूर्व के नागरिकों की सुरक्षा के लिए सख्त और प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। कांग्रेस सांसद ने लिखा कि दिल्ली में असम की एक महिला के साथ हाल ही में हुई नस्लीय गाली-गलौज और मारपीट की घटना चौंकाने वाली है और इसकी कड़े शब्दों में निंदा की जानी चाहिए। इस पर तत्काल और मिसाल बनने वाली कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि इस तरह के व्यवहार को न तो सामान्य माना जाए और न ही इसकी पुनरावृत्ति हो। इस तरह की घटनाएं इस बात का संकेत हैं कि राष्ट्रीय राजधानी में पूर्वोत्तर के नागरिकों को नस्लवाद, उत्पीड़न और हिंसा का सामना करने के मामलों में चिंताजनक वृद्धि हो रही है। तत्काल कार्रवाई से परे, बेहतर कानूनी सुरक्षा, अधिक जन जागरूकता और ऐसी शिक्षा के माध्यम से दीर्घकालिक रोकथाम की सख्त आवश्यकता है, जो पूर्वाग्रहों और रूढ़ियों को चुनौती दे सके।

Mahila Suraksha: पत्र में कांग्रेस सांसद ने क्या लिखा? 

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को लिखे पत्र में कांग्रेस सांसद ने कहा कि 10 मई 2026 की सुबह असम और बिहार की दो महिलाओं के साथ कथित तौर पर पुरुषों के एक समूह द्वारा छेड़छाड़, मारपीट और नस्लीय दुर्व्यवहार किया गया। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ये महिलाएं एक होटल के बाहर चाय पी रही थीं, तभी पुरुषों के एक समूह ने उन पर फब्तियां कसना और अपमानजनक नस्लीय टिप्पणियां करना शुरू कर दिया। जो बात कथित तौर पर मौखिक उत्पीड़न के रूप में शुरू हुई थी, वह बाद में शारीरिक हमले में बदल गई। महिलाओं ने आरोप लगाया है कि उनके कपड़े फाड़ दिए गए और सार्वजनिक रूप से उनके साथ हिंसक दुर्व्यवहार किया गया। दिल्ली पुलिस ने बाद में इस बात की पुष्टि की कि इन महिलाओं को नस्लीय आधार पर निशाना बनाया गया था और उनके साथ मारपीट की गई थी। यह घटना न केवल अपनी क्रूरता के कारण बल्कि इसलिए भी अत्यंत विचलित करने वाली है, क्योंकि यह राष्ट्रीय राजधानी में महिलाओं और पूर्वोत्तर राज्यों के नागरिकों द्वारा सामना किए जा रहे एक बार-बार दोहराए जाने वाले और गहरे तक जड़ जमा चुके दुर्व्यवहार के पैटर्न को दर्शाती है। कांग्रेस सांसद ने पत्र में मणिपुर की एक घटना का जिक्र किया।

जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से करे काम 

उन्होंने लिखा कि मणिपुर की एक वकील और उनकी एक ट्रांस-महिला मित्र के साथ दक्षिण दिल्ली के एक पार्क के भीतर किशोर लड़कों के एक समूह द्वारा कथित तौर पर नस्लीय दुर्व्यवहार और हमला किया गया था। रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि इस हमले के दौरान चाकू का इस्तेमाल किया गया था। इस घटना के संबंध में कथित तौर पर चार किशोरों को हिरासत में लिया गया था। इससे कुछ ही सप्ताह पहले, फरवरी 2026 में दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर में पड़ोस के मामूली विवाद के चलते अरुणाचल प्रदेश की तीन महिलाओं के साथ कथित तौर पर नस्लीय दुर्व्यवहार किया गया था और उन्हें धमकाया गया था। ये बार-बार होने वाली घटनाएं कोई अलग-थलग मामले नहीं हैं बल्कि राष्ट्रीय राजधानी में पूर्वोत्तर राज्यों के लोगों द्वारा सामना किए जा रहे पूर्वाग्रह, ‘प्रोफाइलिंग’ धमकी और हिंसा के एक लंबे और अत्यंत चिंताजनक पैटर्न का ही हिस्सा हैं। पत्र में कांग्रेस सांसद ने आगे लिखा कि बार-बार होने वाली घटनाओं को देखते हुए मैं मंत्रालय से आग्रह करता हूं कि वह इस बात की समीक्षा करे कि दिल्ली में नॉर्थ ईस्ट के नागरिकों की सुरक्षा के लिए मौजूदा संस्थागत तंत्र जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से काम कर रहे हैं या नहीं।

हालांकि कागजों पर कई उपाय मौजूद हैं लेकिन नस्लीय उत्पीड़न और हिंसा के बार-बार होने वाले मामले, उनके लागू होने, पहुंच और जनता के भरोसे में गंभीर कमियों की ओर इशारा करते हैं। उन्होंने आगे नॉर्थ ईस्ट का जिक्र करते हुए लिखा कि नॉर्थ ईस्ट राज्यों के नागरिक शहर के सामाजिक, शैक्षिक और आर्थिक जीवन में बहुत बड़ा योगदान देते हैं। वे न केवल कानून के तहत सुरक्षा के हकदार हैं, बल्कि उन संस्थाओं पर भरोसे के भी हकदार हैं जो उनकी सुरक्षा के लिए बनाई गई हैं। मैं आपसे तत्काल हस्तक्षेप का अनुरोध करता हूं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इन बार-बार होने वाली घटनाओं को केवल कानून-व्यवस्था से जुड़े अलग-थलग मुद्दों के रूप में नहीं, बल्कि नॉर्थ ईस्ट के लोगों और पूरे देश की महिलाओं की सुरक्षा, गरिमा और समान नागरिकता से जुड़े एक गंभीर मामले के रूप में देखा जाए।

ये भी पढ़े… योगी सरकार का बड़ा एक्शन, मेरठ में STF ने मुठभेड़ में मार गिराया एक लाख का इनामी बदमाश जुबैर

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments