West Bengal: पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस के लिए मुश्किलें लगातार बढ़ती दिखाई दे रही हैं। हाल ही में पार्टी सांसद अभिषेक बनर्जी पर सोनारपुर में हुए हमले और उसके अगले ही दिन सांसद कल्याण बनर्जी पर हुगली में कथित हमले ने सियासी माहौल को और गरमा दिया है। इन घटनाओं के बीच मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख Mamata Banerjee द्वारा बुलाई गई पार्टी विधायकों की अहम बैठक भी विवाद और चर्चाओं के केंद्र में आ गई।दरअसल, नए निर्वाचित विधायकों के साथ संगठनात्मक रणनीति और मौजूदा राजनीतिक हालात पर चर्चा के लिए यह बैठक कोलकाता स्थित ममता बनर्जी के कालीघाट आवास पर आयोजित की गई थी। लेकिन बैठक शुरू होने से पहले ही पार्टी को बड़ा झटका तब लगा, जब 80 में से केवल लगभग 20 विधायक ही मौके पर पहुंचे। भारी संख्या में विधायकों की गैरमौजूदगी के बाद अंततः बैठक को रद्द करना पड़ा।
80 में से सिर्फ 20 विधायक पहुंचे
टीएमसी के भीतर इस घटनाक्रम को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। राजनीतिक गलियारों में इसे पार्टी संगठन के लिए गंभीर संकेत माना जा रहा है। बंगाल विधानसभा चुनाव में अपेक्षित प्रदर्शन न कर पाने के बाद पहले ही पार्टी नेतृत्व दबाव में था, वहीं अब विधायकों की इतनी कम उपस्थिति ने विपक्ष को भी हमला बोलने का मौका दे दिया है।हालांकि पार्टी की ओर से इसे किसी अंदरूनी असंतोष से जोड़ने से साफ इनकार किया गया है। तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता Kunal Ghosh ने कहा कि अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के बाद राज्यभर में पार्टी कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए हैं और कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। पुलिस कार्रवाई में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी हुई है, जिसके कारण विधायक अपने-अपने क्षेत्रों में कार्यकर्ताओं की मदद और उन्हें छुड़ाने में जुटे हुए हैं।
West Bengal: पार्टी के साथ मजबूती से खड़े हैं विधायक — कुणाल घोष
कुणाल घोष ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि बैठक पहले से तय थी, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए विधायकों ने पार्टी नेतृत्व से बैठक स्थगित करने की अपील की थी। उन्होंने कहा कि पार्टी के सभी विधायक इस कठिन समय में संगठन के साथ मजबूती से खड़े हैं और कार्यकर्ताओं के समर्थन में मैदान में सक्रिय हैं।उन्होंने यह भी बताया कि बैठक को फिलहाल रद्द कर दिया गया है और जल्द ही नई तारीख तय कर विधायकों को सूचित किया जाएगा। हालांकि, जो विधायक बैठक में पहुंचे थे, उनसे ममता बनर्जी ने अनौपचारिक बातचीत की और मौजूदा हालात पर चर्चा भी की।
West Bengal: भाजपा पर हमलावर हुई TMC
टीएमसी ने इन हमलों के पीछे भाजपा को जिम्मेदार ठहराते हुए अगले 48 घंटों में राज्यभर में बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन तेज करने का ऐलान किया है। पार्टी नेताओं का आरोप है कि विपक्षी दल बंगाल में राजनीतिक हिंसा का माहौल बनाकर तृणमूल कांग्रेस को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं।वहीं भाजपा ने टीएमसी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि पार्टी अपनी अंदरूनी कमजोरियों और संगठनात्मक संकट को छिपाने के लिए इस तरह के आरोप लगा रही है।
ममता बनर्जी के सामने संगठन को संभालने की चुनौती
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, हाल के दिनों में कई घटनाओं ने टीएमसी नेतृत्व की चिंता बढ़ा दी है। पूर्व सांसद काकोली घोष दस्तीदार का पार्टी छोड़ना, वरिष्ठ नेताओं पर हमले और अब विधायकों की बैठक में बेहद कम उपस्थिति — इन सबने यह संकेत दे दिया है कि आने वाले दिनों में ममता बनर्जी के लिए पार्टी को पूरी तरह एकजुट रखना आसान नहीं होने वाला।राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि पार्टी जल्द ही संगठनात्मक स्तर पर मजबूत संदेश देने में सफल नहीं हुई, तो विपक्ष इस स्थिति का फायदा उठाने की पूरी कोशिश करेगा। फिलभाजपाहाल बंगाल की राजनीति में टीएमसी और भाजपा के बीच टकराव और तेज होने के संकेत साफ दिखाई दे रहे हैं।








