India-UK trade deal: केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि भारत और यूनाइटेड किंगडम (यूके) आर्थिक और व्यापारिक सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए नए अवसरों की तलाश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देश ऐसा इकोसिस्टम तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जो इनोवेशन, निवेश और समावेशी विकास को बढ़ावा दे।
15 जुलाई से लागू होगा भारत-यूके CETA
यूके के बिजनेस एंड ट्रेड सेक्रेटरी पीटर काइल के साथ बैठक के बाद पीयूष गोयल ने बताया कि 15 जुलाई 2026 से भारत-यूके कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक एंड ट्रेड एग्रीमेंट (CETA) और डबल कंट्रीब्यूशन कन्वेंशन (DCC) लागू हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि ये दोनों समझौते व्यापार और निवेश को नई गति देंगे तथा दोनों देशों के उद्योगों और कारोबारियों के लिए व्यापक अवसर पैदा करेंगे।
India-UK trade deal: व्यापार और निवेश बढ़ाने की अपील
गोयल ने लंदन में आयोजित एक बिजनेस कार्यक्रम में भारत और यूके के उद्योगपतियों तथा निवेशकों को संबोधित करते हुए कहा कि CETA दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं के लिए विकास और समृद्धि का नया अध्याय साबित होगा। उन्होंने उद्योग जगत से इस समझौते का अधिकतम लाभ उठाने, व्यापार और निवेश बढ़ाने तथा विभिन्न क्षेत्रों में नवाचार को प्रोत्साहित करने का आह्वान किया।
India-UK trade deal: रणनीतिक साझेदारी का हो रहा विस्तार
इंडिया ग्लोबल फोरम के यूके-इंडिया वीक 2026 में बोलते हुए गोयल ने कहा कि भारत और यूके के संबंध अब पारंपरिक व्यापार तक सीमित नहीं हैं। दोनों देशों के बीच टेक्नोलॉजी, रक्षा, निवेश, महत्वपूर्ण खनिजों और रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है। उन्होंने कहा कि भारत-यूके साझेदारी वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए “फोर्स मल्टीप्लायर” की भूमिका निभा सकती है और आने वाले वर्षों में दोनों देशों के लिए नए आर्थिक अवसरों का मार्ग प्रशस्त करेगी।
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