Abhijit Dipke: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रमुख अभिजीत दीपके ने आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़ने और विदेश जाने को लेकर अपनी वजह बताई है। न्यूज 24 को दिए एक इंटरव्यू में दीपके ने कहा कि उन्होंने AAP किसी विवाद या झगड़े के कारण नहीं छोड़ी थी। उनके मुताबिक, पार्टी में आर्थिक स्थिति बेहतर नहीं थी और आगे की जिम्मेदारियों को देखते हुए उन्हें ज्यादा कमाई की जरूरत महसूस हुई। इसके बाद उन्होंने विदेश जाकर पढ़ाई करने और बेहतर करियर बनाने का फैसला लिया।
पैसे की कमी को बताया AAP छोड़ने की वजह
अभिजीत दीपके ने बताया कि वह कई वर्षों तक आम आदमी पार्टी के लिए काम करते रहे। हालांकि, समय के साथ उन्हें लगा कि पार्टी में मिलने वाली आर्थिक स्थिति उनके भविष्य की जरूरतों के मुताबिक पर्याप्त नहीं थी। उन्होंने कहा कि अभी तक किसी तरह काम चल गया, लेकिन आगे जिम्मेदारियां बढ़ने पर पैसों की जरूरत होगी। दीपके के मुताबिक, उन्होंने पार्टी के ऐसे कई लोगों से मुलाकात की थी, जो विदेश से पढ़ाई करके लौटे थे। उन्हें लगा कि अगर वह भी विदेश जाकर पढ़ाई करते हैं तो बेहतर नौकरी और ज्यादा कमाई के अवसर मिल सकते हैं। इसी सोच के साथ उन्होंने AAP छोड़कर विदेश जाने का फैसला किया।
Abhijit Dipke: बोले- पार्टी से कोई विवाद नहीं था
दीपके ने साफ किया कि AAP छोड़ने के पीछे किसी तरह का विवाद या पार्टी नेतृत्व से झगड़ा नहीं था। उन्होंने इसे पूरी तरह व्यक्तिगत फैसला बताया। उनका कहना था कि उन्होंने अपने भविष्य और करियर को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया था। हालांकि, इंटरव्यू की क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उन्हें लोगों की प्रतिक्रियाओं का सामना करना पड़ा। कुछ यूजर्स ने उनके बयान पर सवाल उठाते हुए पूछा कि अब उन्हें पहले की तुलना में ज्यादा आर्थिक मदद या संसाधन कहां से मिल रहे हैं।
केजरीवाल समेत इन मुख्यमंत्रियों की तारीफ
इंटरव्यू के दौरान अभिजीत दीपके ने अपने पसंदीदा मुख्यमंत्रियों को लेकर भी राय रखी। उन्होंने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की आर्थिक नीतियों की तारीफ की। इसके अलावा केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के शिक्षा और स्वास्थ्य मॉडल को भी अच्छा बताया। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के काम की भी दीपके ने सराहना की। उन्होंने कहा कि दिल्ली में केजरीवाल सरकार ने शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम किया था। इस तरह दीपके ने AAP छोड़ने की वजह को राजनीतिक मतभेद के बजाय व्यक्तिगत और आर्थिक फैसला बताया।
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