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राहुल गांधी, यह बदतमीजी बंद कीजिए! रविशंकर प्रसाद ने इमरजेंसी वाले बयान पर कांग्रेस को घेरा

Emergency

Emergency: राहुल गांधी के इमरजेंसी वाले बयान को लेकर बीजेपी ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। बीजेपी के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने राहुल गांधी को संबोधित करते हुए कहा, “राहुल गांधी, यह बदतमीजी बंद कीजिए।” उन्होंने राहुल गांधी की भाषा और उनके बयान पर सवाल उठाए। इस मुद्दे पर बीजेपी ने कांग्रेस को आपातकाल के इतिहास की याद दिलाते हुए चुनाव आयोग, ईवीएम और संवैधानिक संस्थाओं को लेकर विपक्ष के रुख पर भी सवाल उठाए हैं।

राहुल गांधी के बयान पर रविशंकर प्रसाद का पलटवार

रविशंकर प्रसाद ने राहुल गांधी के इमरजेंसी संबंधी बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी, यह बदतमीजी बंद कीजिए।” बीजेपी नेता ने राहुल गांधी की भाषा पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस को घेरा। इस बयान के जरिए रविशंकर प्रसाद ने राहुल गांधी के राजनीतिक बयानों पर आपत्ति जताई और उन्हें निशाने पर लिया।

Emergency: इमरजेंसी को लेकर कांग्रेस पर बीजेपी का हमला

वर्ष 1975 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की सरकार ने देश में आपातकाल लागू किया था। यह आपातकाल मार्च 1977 तक रहा। इस दौरान विपक्षी नेताओं की गिरफ्तारियां हुईं, नागरिक स्वतंत्रताओं पर प्रतिबंध लगाए गए और प्रेस पर नियंत्रण रहा। बीजेपी लंबे समय से इमरजेंसी के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरती रही है। राहुल गांधी के बयान के बाद रविशंकर प्रसाद ने इसी ऐतिहासिक मुद्दे को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा।

चुनाव हारने के बाद चुनाव आयोग पर सवाल उठाने का आरोप

बीजेपी राहुल गांधी और विपक्ष पर चुनावी नतीजों के बाद चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाने का आरोप लगाती रही है। राहुल गांधी ने अलग-अलग चुनावों के संदर्भ में मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों के मुद्दे उठाए हैं। कांग्रेस चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग करती रही है, जबकि बीजेपी विपक्ष के आरोपों पर सवाल उठाती है। बीजेपी का कहना है कि चुनावी नतीजों को लेकर आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाने से पहले विपक्ष को अपने आरोपों के समर्थन में प्रमाण देने चाहिए।

Emergency: ईवीएम को लेकर भी विपक्ष के आरोप

ईवीएम यानी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन को लेकर कांग्रेस और दूसरे विपक्षी दल समय-समय पर सवाल उठाते रहे हैं। राहुल गांधी ने भी चुनावी प्रक्रिया और ईवीएम से जुड़े मुद्दों को उठाया है। बीजेपी विपक्ष के इन सवालों का विरोध करती रही है और चुनावी प्रक्रिया पर लगाए जाने वाले आरोपों को लेकर कांग्रेस को घेरती रही है। इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच राजनीतिक बयानबाजी लगातार चर्चा में रही है।

संवैधानिक संस्थाओं के फैसलों को स्वीकार करने की नसीहत

बीजेपी ने राहुल गांधी और विपक्ष के चुनाव आयोग को लेकर उठाए जाने वाले सवालों पर आपत्ति जताई है। पार्टी का कहना है कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं की भूमिका पर बार-बार सवाल उठाने के बजाय विपक्ष को स्थापित संवैधानिक और कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करना चाहिए। चुनावी प्रक्रिया से संबंधित शिकायतों के लिए निर्धारित कानूनी रास्ते मौजूद हैं। बीजेपी इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधती रही है और राहुल गांधी से संवैधानिक संस्थाओं के फैसलों का सम्मान करने की बात कहती रही है।

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