CJP Protest: दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने जा रहे पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पुलिस हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई है। CJP के प्रदर्शन के दौरान जंतर-मंतर, कनॉट प्लेस और मिंटो ब्रिज समेत अलग-अलग इलाकों से 1,000 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी दी गई। दोपहर करीब एक बजे आकाशवाणी भवन के पास प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प की खबर आई। रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड पार कर पुलिस पर पत्थर फेंके, जिससे दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। इस बीच भाजपा सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने प्रदर्शन को लेकर विपक्ष पर तीखा हमला बोला और इसे ‘मोदी बनाम मीर जाफर’ की लड़ाई बताया।
केजरीवाल और ममता बनर्जी समेत कई नेता हिरासत में
CJP के प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंचे या जंतर-मंतर की ओर जा रहे कई विपक्षी नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और ममता बनर्जी को भी हिरासत में लिया गया। इससे पहले CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को मुंबई से दिल्ली पहुंची फ्लाइट के भीतर से ही हिरासत में लिए जाने की खबर आई थी। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, जंतर-मंतर, कनॉट प्लेस और मिंटो ब्रिज समेत कई इलाकों में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए कार्रवाई की। हिरासत में लिए गए लोगों की अंतिम संख्या और सभी नेताओं की कानूनी स्थिति की आधिकारिक पुष्टि अलग से जरूरी है।
CJP Protest: आकाशवाणी भवन के पास झड़प, दो पुलिसकर्मी घायल
प्रदर्शन के दौरान दोपहर करीब एक बजे इम्तियाज अली मार्ग पर आकाशवाणी भवन के पास स्थिति तनावपूर्ण होने की खबर सामने आई। रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड पार किए और पुलिस पर पत्थर फेंके। इस घटना में दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। प्रदर्शनकारियों की ओर से बैरिकेडिंग तोड़े जाने की भी जानकारी दी गई। इसके बाद पुलिस ने उन्हें वहां से हटाया और कई लोगों को हिरासत में लिया। इसी दौरान एक प्रदर्शनकारी के सिर में चोट लगने की खबर भी सामने आई। घटना के पूरे क्रम और घायलों की स्थिति की आधिकारिक जानकारी सामने आने पर तस्वीर और स्पष्ट होगी।
SIR पर रोक और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग
CJP यानी कॉकरोच जनता पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर रोक लगाने की मांग कर रही है। संगठन का आरोप है कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल हैं और इनकी जांच होनी चाहिए। SIR का उद्देश्य मतदाता सूची का सत्यापन और संशोधन करना है। हालांकि, इस प्रक्रिया को लेकर विपक्ष और कुछ संगठनों ने सवाल उठाए हैं। चुनाव आयोग का पक्ष भी इस विवाद में अहम है। CJP के प्रदर्शन के दौरान हिरासत, सुरक्षा इंतजाम और सार्वजनिक परिवहन पर पाबंदियों ने बहस को और तेज कर दिया है।
CJP Protest: संबित पात्रा का हमला, बोले- यह पूरे भारत की तस्वीर नहीं
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सांसद संबित पात्रा ने दिल्ली में हो रहे प्रदर्शन पर विपक्ष को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर जो कुछ हो रहा है और टीवी या सोशल मीडिया पर दिखाया जा रहा है, वह पूरे भारत की तस्वीर नहीं है। पात्रा के मुताबिक, देश शांत है और सुशासन के तहत आगे बढ़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ अराजक ताकतें पिछले कुछ दिनों से दिल्ली में अव्यवस्था फैलाने की कोशिश कर रही थीं। पात्रा ने दावा किया कि प्रदर्शन के जरिए देश की राजधानी को बंधक बनाने और आगजनी तथा हिंसा फैलाने की साजिश थी। उन्होंने कहा कि ऐसे तत्व अपने मकसद में सफल नहीं हुए।
राहुल गांधी पर निशाना, राष्ट्रपति को राजनीति में घसीटने का आरोप
संबित पात्रा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं ने राष्ट्रपति भवन जाकर राजनीतिक घटनाक्रम पर चर्चा की और इसके बाद राहुल गांधी ने राष्ट्रपति पद को सड़क पर होने वाले विरोध प्रदर्शनों से जोड़ने की कोशिश की। पात्रा ने इसे अनुचित बताते हुए कहा कि राष्ट्रपति पद को राजनीतिक विवाद में नहीं घसीटना चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी की आलोचना करते हुए दावा किया कि विपक्ष देश में अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहा है।
CJP Protest: ‘मोदी बनाम मीर जाफर’ की लड़ाई क्यों कहा?
संबित पात्रा ने अपने बयान में कहा कि यह लड़ाई ‘मोदी बनाम मीर जाफर’ की है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेता सत्ता हासिल करने के लिए देश को दांव पर लगाने तक को तैयार हैं। पात्रा ने दावा किया कि कुछ नेता चुनाव लड़े बिना सत्ता में आने की कोशिश कर रहे हैं। भाजपा नेता के इस बयान को CJP प्रदर्शन के बीच बढ़ते राजनीतिक टकराव के तौर पर देखा जा रहा है। जहां CJP और उसके समर्थक मतदाता सूची तथा चुनाव आयोग की जवाबदेही को लेकर सवाल उठा रहे हैं, वहीं भाजपा प्रदर्शन को विपक्ष की राजनीतिक रणनीति और अव्यवस्था से जोड़ रही है।
अब आगे क्या?
CJP के प्रदर्शन के दौरान प्रमुख नेताओं की हिरासत, पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प तथा भाजपा की तीखी राजनीतिक प्रतिक्रिया ने घटनाक्रम को कई मोर्चों पर बांट दिया है। अब सबसे अहम सवाल हैं कि हिरासत में लिए गए नेताओं और समर्थकों की स्थिति क्या है, झड़प की जांच में क्या सामने आता है और SIR को लेकर उठाए गए सवालों पर चुनाव आयोग की ओर से क्या जवाब दिया जाता है।दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था के बीच आम लोगों की आवाजाही और सार्वजनिक परिवहन पर पड़ने वाले असर पर भी नजर रहेगी।
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