Ajinkya Shinde: चीफ इलेक्शन कमिश्नर (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 10 अक्टूबर को प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके और अन्य प्रमुख सदस्यों को हिरासत में ले लिया। इसके बाद अजिंक्य शिंदे ने आंदोलन की कमान संभाल ली है। अभिजीत दीपके ने पहले से रिकॉर्ड किए गए एक वीडियो के जरिए शिंदे को आंदोलन का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी सौंपी और समर्थकों से उनका साथ देने की अपील की। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर अजिंक्य शिंदे कौन हैं और उन्हें CJP आंदोलन की जिम्मेदारी क्यों सौंपी गई है?
Ajinkya Shinde: CJP ने अजिंक्य शिंदे को सौंपी आंदोलन की जिम्मेदारी-
10 अक्टूबर 2026 को कॉकरोच जनता पार्टी के एक्स अकाउंट पर जारी एक पहले से रिकॉर्ड किए गए वीडियो में अभिजीत दीपके ने अजिंक्य शिंदे को आंदोलन की कमान सौंपने का ऐलान किया। वीडियो में दीपके ने कहा, ‘अगर आप ये वीडियो देख रहे हैं, तो इसका मतलब है कि मुझे, सौरव दास और आशुतोष रांका को गिरफ्तार कर लिया गया है।’ उन्होंने अपने समर्थकों से अजिंक्य शिंदे का साथ देने और उनकी गैरमौजूदगी में भी आंदोलन जारी रखने की अपील की। दीपके के इस संदेश के बाद शिंदे CJP के विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी संभालते नजर आए।
Ajinkya Shinde: कौन हैं अजिंक्य शिंदे-
अजिंक्य शिंदे महाराष्ट्र के अलीबाग के रहने वाले हैं और लंबे समय से अभिजीत दीपके के साथ जुड़े हुए हैं। वह पहले आम आदमी पार्टी (AAP) की महाराष्ट्र इकाई के लिए सोशल मीडिया कोऑर्डिनेटर के तौर पर काम कर चुके हैं। फिलहाल वह कॉकरोच जनता पार्टी में संगठन प्रभारी की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अजिंक्य शिंदे की अभिजीत दीपके से पहली मुलाकात साल 2016 में गोवा में हुई थी। इसके बाद उन्होंने AAP के लिए पूर्णकालिक रूप से काम करने के लिए अपनी कॉर्पोरेट नौकरी छोड़ दी थी। उन्होंने गोवा विधानसभा चुनाव के दौरान करीब एक साल तक पार्टी के अभियान में भी मदद की।
AAP के साथ भी काम कर चुके हैं शिंदे-
गोवा विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी को कोई सीट नहीं मिलने के बावजूद अजिंक्य शिंदे पार्टी के साथ जुड़े रहे। बाद में उन्होंने महाराष्ट्र में पार्टी के संगठनात्मक कामकाज में योगदान दिया और राज्य के विभिन्न जिलों का दौरा किया। अभिजीत दीपके के साथ लंबे समय से जुड़ाव और राजनीतिक संगठन में काम करने के अनुभव के चलते शिंदे को CJP में अहम जिम्मेदारी मिली। अब दीपके और अन्य प्रमुख सदस्यों की हिरासत के बाद उन्हें आंदोलन का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
दिल्ली में CJP प्रदर्शन से पहले पुलिस की कार्रवाई-
चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए मुंबई से दिल्ली पहुंचे अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। बताया गया कि उनकी फ्लाइट के दिल्ली पहुंचने के बाद पुलिस अधिकारियों ने यह कार्रवाई की। CJP की ओर से ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन की तैयारी की जा रही थी। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने पहले से आवेदन नहीं दिए जाने का हवाला देते हुए प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया था।
जंतर-मंतर पहुंचने की कोशिश कर रहे प्रदर्शनकारी भी हिरासत में-
प्रदर्शन के दौरान जंतर-मंतर पहुंचने की कोशिश कर रहे कई आंदोलनकारियों को भी पुलिस ने हिरासत में लिया। उन्हें छत्रसाल स्टेडियम ले जाया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, राजधानी में रातभर चली कार्रवाई के दौरान कम से कम 400 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। इस विरोध प्रदर्शन से पहले यूट्यूबर ध्रुव राठी को भी उनके गुरुग्राम स्थित घर से हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई थी। ऐसे में CJP के प्रमुख सदस्यों की हिरासत के बाद अजिंक्य शिंदे के सामने आंदोलन को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी आ गई है।
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