Yashasvini Raje Singh: दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के बीच उत्तर प्रदेश के फतेहपुर सदर से BJP के पूर्व विधायक विक्रम सिंह की बेटी यशस्विनी राजे सिंह को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। यशस्विनी इससे पहले भी छात्र आंदोलनों का समर्थन करने और अपने बयानों को लेकर चर्चा में रह चुकी हैं। सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि उन्हें दिल्ली में बंगला साहिब के पास एक पार्क में बैठने के दौरान हिरासत में लिया गया। इस घटना के बाद एक बार फिर उनका नाम सुर्खियों में है। आइए जानते हैं कौन हैं यशस्विनी राजे सिंह और CJP प्रदर्शन से उनका क्या संबंध है।
Yashasvini Raje Singh: दिल्ली में CJP प्रदर्शन के बीच यशस्विनी राजे सिंह हिरासत में-
10 अक्टूबर 2026 को CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान किया था। प्रदर्शन को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। इसी दौरान यशस्विनी राजे सिंह को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यशस्विनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया कि उन्हें बंगला साहिब के पास एक पार्क में बैठने के कारण हिरासत में लिया गया। उन्होंने दावा किया कि उन्हें केशव पुरम पुलिस स्टेशन में रखा गया था। इस प्रदर्शन के दौरान CJP के संयोजक अभिजीत दीपके, सह-संयोजक आशुतोष रांका और सौरभ दास समेत बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों को भी हिरासत में लिया गया।
Yashasvini Raje Singh: कौन हैं यशस्विनी राजे सिंह-
यशस्विनी राजे सिंह एक कंटेंट क्रिएटर हैं। वह उत्तर प्रदेश के फतेहपुर सदर से BJP के पूर्व विधायक विक्रम सिंह की बेटी हैं। उनके पिता इस सीट से दो बार विधायक रह चुके हैं। यशस्विनी ने कंटेंट क्रिएशन और सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों पर अपनी राय रखने के जरिए अलग पहचान बनाई है। वह सोशल मीडिया पर सक्रिय रहती हैं और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखती हैं। छात्र आंदोलनों के दौरान भी वह चर्चा में आई थीं। उन्होंने CJP के अभियान का समर्थन किया था और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर अपनी राय रखी थी। उनके बयानों के चलते सोशल मीडिया पर भी उनकी चर्चा हुई।
CJP के छात्र आंदोलन का किया था समर्थन-
यशस्विनी राजे सिंह जून-जुलाई 2026 में छात्र आंदोलन को समर्थन देने के बाद सुर्खियों में आई थीं। यह आंदोलन NEET-UG 2026 परीक्षा में कथित पेपर लीक और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर हुआ था। प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। यशस्विनी ने इस आंदोलन का समर्थन करते हुए छात्रों की मांगों पर अपनी राय रखी थी। अल जजीरा को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने CJP की भूमिका पर बात की थी। उन्होंने बताया था कि संगठन ने मीम्स, सोशल मीडिया और इंस्टाग्राम के जरिए ऐसे लोगों को भी आंदोलन से जोड़ने का प्रयास किया, जो आमतौर पर राजनीतिक चर्चाओं से दूर रहते हैं।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर भी की थी टिप्पणी-
छात्र आंदोलन के दौरान यशस्विनी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से जुड़े बयान और उसमें इस्तेमाल की गई भाषा पर भी सवाल उठाए थे। उन्होंने इस्तीफे को स्वीकार करने के बजाय खुद को बलिदानी के रूप में पेश करने जैसी प्रतिक्रिया पर टिप्पणी की थी। इसके अलावा, उन्होंने नए केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी की नियुक्ति को लेकर भी अपनी राय रखी थी। इन बयानों के बाद सोशल मीडिया पर उनकी राजनीतिक विचारधारा और छात्र आंदोलन में उनकी भूमिका को लेकर चर्चा होने लगी।
BJP के पूर्व विधायक की बेटी, लेकिन राजनीति पर नहीं करतीं चर्चा-
यशस्विनी राजे सिंह के पिता विक्रम सिंह उत्तर प्रदेश के फतेहपुर सदर से BJP के पूर्व विधायक हैं। हालांकि, यशस्विनी ने एक इंटरव्यू में बताया था कि वह अपने पिता के साथ राजनीति पर चर्चा नहीं करतीं। उन्होंने यह भी कहा था कि वह स्वतंत्र रूप से रहना और अपनी अलग पहचान बनाना चाहती हैं। उनकी पहचान केवल एक राजनीतिक परिवार की बेटी के तौर पर नहीं, बल्कि कंटेंट क्रिएटर और सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों पर अपनी राय रखने वाली युवा के रूप में भी बनी है। CJP के छात्र आंदोलन का समर्थन करने के बाद अब दिल्ली में प्रदर्शन के बीच हिरासत में लिए जाने की खबर ने उन्हें एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।
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