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‘PM मोदी भारत के लिए शर्म की बात’, रिहा होते ही CJP संस्थापक अभिजीत दीपके का तीखा हमला

दीपके रिहा होते ही पीएम मोदी पर बोला हमला

CJP Protest: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने रिहाई के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने प्रधानमंत्री को लेकर विवादित टिप्पणी करते हुए कहा कि मोदी का प्रधानमंत्री होना भारत के लिए शर्म की बात है। दीपके ने यह भी आरोप लगाया कि देश ने इतना बड़ा ‘कायर’ और ‘धौंस जमाने वाला’ व्यक्ति पहले कभी नहीं देखा। करीब 24 घंटे हिरासत में रहने के बाद दीपके और उनके साथियों को रिहा किया गया है।

रिहाई के बाद PM मोदी पर निशाना

अभिजीत दीपके ने रिहाई के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने अपने बयान में प्रधानमंत्री के नेतृत्व पर सवाल उठाए। दीपके की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर CJP का प्रदर्शन चर्चा में है। CJP के नेताओं की हिरासत को लेकर पहले ही पुलिस की कार्रवाई और प्रदर्शन की अनुमति के मुद्दे पर विवाद बना हुआ था। रिहाई के बाद दीपके के बयान ने इस राजनीतिक टकराव को और तीखा कर दिया है।

CJP Protest: कैंट थाने में पेशी के बाद मिली रिहाई

अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को शनिवार को मुंबई से दिल्ली पहुंचने के बाद विमान के भीतर से हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई थी। रविवार को तीनों को कैंट थाने में कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। खबरों के मुताबिक, मजिस्ट्रेट ने शर्तों के साथ उनकी रिहाई के आदेश दिए। CJP की लीगल हेड रत्ना सिंह के अनुसार, तीनों को इस शर्त पर रिहा किया गया कि वे एक साल तक शांति भंग नहीं करेंगे। हालांकि, रिहाई की शर्तों और आदेश की सटीक भाषा की पुष्टि आधिकारिक दस्तावेज से की जानी चाहिए।

‘कॉकरोच कभी मरते नहीं’, CJP ने क्या कहा?

तीनों नेताओं की रिहाई के बाद CJP के आधिकारिक एक्स अकाउंट से पोस्ट किया गया, “कॉकरोच कभी मरते नहीं।” पार्टी से जुड़े नेताओं ने संकेत दिया कि हिरासत और कार्रवाई के बावजूद उनका विरोध जारी रहेगा। CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि रविवार दोपहर दो बजे होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस में आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी। पार्टी से जुड़े अजिंक्य शिंदे ने भी रविवार को प्रदर्शन जारी रखने की बात कही।

CJP Protest
                                                    CJP Protest
CJP Protest: CEC के इस्तीफे की मांग पर अड़ी CJP

हिरासत में लिए जाने से पहले अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था कि ‘जंतर-मंतर 2.0’ शुरू होने से पहले ही सरकार ने हार मान ली है। उन्होंने कहा था कि वह जेल जाने के लिए तैयार हैं, लेकिन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग पर पीछे नहीं हटेंगे। दीपके ने दिल्ली में प्रदर्शन से पहले सुरक्षा व्यवस्था सख्त किए जाने और समर्थकों पर कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए थे। उनका आरोप था कि राजधानी में प्रतिबंध और सख्ती ताकत की नहीं, बल्कि सरकार की घबराहट की निशानी है।

CJP का विरोध मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इस प्रक्रिया से पात्र मतदाताओं के नाम हटने का खतरा है। वहीं, इन आरोपों और सरकार की मंशा को लेकर किए जा रहे दावों को स्थापित तथ्य के रूप में पेश करने से पहले संबंधित पक्षों का आधिकारिक रुख देखना जरूरी है। तीनों नेताओं की रिहाई के बाद अब नजर CJP की अगली रणनीति और प्रदर्शन पर रहेगी। सवाल यह है कि हिरासत से छूटने के बाद पार्टी का आंदोलन किस रूप में आगे बढ़ता है और इस पर प्रशासन की क्या प्रतिक्रिया रहती है।

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