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ईरान के नए रक्षा मंत्री की ट्रंप को चेतावनी, बोले- बम गिराया तो ताबूत में लौटेंगे अमेरिकी सैनिक

Iran Defence Minister:

Iran Defence Minister: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरान के नए रक्षा मंत्री मेहराद अखलाकी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को कड़ी चेतावनी दी है। पद संभालने के बाद उन्होंने कहा कि अगर अमेरिकी सेना ने ईरान की धरती पर बम गिराने की कोशिश की, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। उन्होंने अमेरिका को अपने सैनिकों की सुरक्षा पर ध्यान देने की नसीहत भी दी। यह बयान ऐसे समय आया है, जब ईरान के परमाणु ठिकानों पर संभावित अमेरिकी हमले को लेकर चर्चाएं तेज हैं।

Iran Defence Minister: आठ महीने बाद ईरान को मिला नया रक्षा मंत्री-

ईरान की संसद ने रविवार को मेहराद अखलाकी केटाब्ची के नाम पर मुहर लगाई। उन्होंने माजिद इब्न अल-रेजा की जगह ली है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, पूर्व रक्षा मंत्री अजीज नसिरजादेह की फरवरी में अमेरिकी-इजरायली हवाई हमले में मौत के बाद से रक्षा मंत्रालय में बदलाव का दौर जारी था। नए रक्षा मंत्री की नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब ईरान और अमेरिका के बीच सैन्य तनाव लगातार चर्चा में बना हुआ है। ऐसे में उनकी नियुक्ति को ईरान की रक्षा नीति और सैन्य तैयारियों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

Iran Defence Minister: ट्रंप को सीधी चेतावनी, बोले- अमेरिकी सैनिकों को वापस बुलाएं-

पद संभालने के बाद मेहराद अखलाकी ने अमेरिका और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लेकर सख्त बयान दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका को अपने सैनिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उन्हें सुरक्षित क्षेत्रों में वापस बुलाने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान की धरती पर बम गिराया गया, तो अमेरिकी सेना को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। उनके बयान का लहजा बेहद आक्रामक था और इसे दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव के संदर्भ में देखा जा रहा है।

क्या ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले की तैयारी कर रहा अमेरिका-

ईरान के नए रक्षा मंत्री का यह बयान अमेरिकी मीडिया में आई उन रिपोर्ट्स के बाद आया है, जिनमें दावा किया गया था कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन में ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले के विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। इन रिपोर्ट्स में अमेरिकी सेना के शक्तिशाली गैर-परमाणु बम GBU-43/B, जिसे ‘मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स’ कहा जाता है, के इस्तेमाल की संभावना का भी जिक्र किया गया था। हालांकि, इस बम के इस्तेमाल की योजना को लेकर किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। किसी विकल्प पर विचार किए जाने और हमले का अंतिम आदेश दिए जाने में अंतर होता है।

मिसाइल और एयरोस्पेस कार्यक्रम से जुड़े रहे हैं नए रक्षा मंत्री-

मेहराद अखलाकी लंबे समय से ईरान के एयरोस्पेस और मिसाइल कार्यक्रमों से जुड़े रहे हैं। रक्षा मंत्री बनने के बाद उन्होंने देश के सैन्य ढांचे को मजबूत करने और आधुनिक रक्षा तकनीकों के विकास में तेजी लाने की बात कही है। उनकी नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जब ईरान अपनी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने पर जोर दे रहा है। ऐसे में आने वाले समय में मिसाइल कार्यक्रम, सैन्य तकनीक और रक्षा तैयारियों को लेकर ईरान की रणनीति पर दुनिया की नजर रहेगी।

होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल टैंकर में आग लगने की खबर-

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य से एक तेल टैंकर में आग लगने की खबर भी सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, टैंकर में करीब 20 लाख बैरल कच्चा तेल भरा हुआ था और आग लगने की घटना के बाद इलाके में चिंता बढ़ गई। होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति के लिहाज से बेहद अहम समुद्री मार्ग है। यहां किसी भी तरह की सैन्य या सुरक्षा संबंधी घटना का असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार और समुद्री व्यापार पर पड़ सकता है। हालांकि, टैंकर में आग लगने की घटना के कारण और इसके ईरान-अमेरिका तनाव से संबंध की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।

ईरान-अमेरिका तनाव पर दुनिया की नजर-

ईरान के नए रक्षा मंत्री की चेतावनी और परमाणु ठिकानों पर संभावित हमले से जुड़ी रिपोर्ट्स ने दोनों देशों के बीच तनाव को फिर चर्चा में ला दिया है। यदि सैन्य टकराव बढ़ता है, तो इसका असर पश्चिम एशिया की सुरक्षा, समुद्री व्यापार और वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है। फिलहाल, अमेरिका की ओर से किसी संभावित हमले को लेकर आधिकारिक निर्णय और ईरान के बयान पर आगे की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होगी। आने वाले दिनों में दोनों देशों के कदम यह तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं कि तनाव कम होता है या स्थिति और गंभीर होती है।

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