UP News: समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजकुमार भाटी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उत्तर प्रदेश में राजनीतिक बहस तेज हो गई है। वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि उन्होंने हिंदू धर्म छोड़कर बौद्ध धर्म अपना लिया है। हालांकि, राजकुमार भाटी ने इन दावों को खारिज करते हुए साफ कहा है कि वह हिंदू हैं और धर्म परिवर्तन करने का उनका कोई इरादा नहीं है।
कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद?
ये मामला 20 अक्टूबर को दिल्ली के रानी झांसी रोड स्थित अंबेडकर भवन में आयोजित भारतीय बौद्ध महासभा के एक कार्यक्रम से जुड़ा है। इस कार्यक्रम में राजकुमार भाटी मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए थे। यहां डॉ. भीमराव आंबेडकर की 22 प्रतिज्ञाएं दोहराई गईं, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर उनके धर्म परिवर्तन को लेकर चर्चाएं शुरू हो गईं। कुछ लोगों ने दावा किया कि उन्होंने हिंदू धर्म छोड़कर बौद्ध धर्म अपना लिया है। इस मुद्दे ने राजनीतिक रंग भी ले लिया और विभिन्न राजनीतिक नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं।
कल 20 अक्टूबर को दिल्ली के रानी झांसी मार्ग स्थित अंबेडकर भवन में भारतीय बौद्ध महासभा द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मैं मुख्य अतिथि के तौर पर सम्मिलित हुआ था । एक सच्चा समाजवादी होने के नाते मैं प्रत्येक धर्म, जाति, वर्ग और समुदाय का सम्मान करता हूं और जो भी अपने कार्यक्रम में सम्मान के साथ आमंत्रित करता है उसमें सम्मिलित होता हूं । मैं सिख भाइयों के बुलावे पर गुरुद्वारे में गुरु ग्रंथ साहब को मत्था टेक कर भी आता हूं । मुस्लिम भाइयों के बुलावे पर उनकी मजलिस में भी शामिल होता हूं । हिंदू धर्म के तीज-त्योहारों में भी सम्मिलित होता हूं ।
बौद्ध धर्म और गौतम बुद्ध की शिक्षाओं के प्रति मेरा विशेष आकर्षण है और मैं उनका बहुत सम्मान करता हूं । बाबा साहब के विचारों का भी मेरे ऊपर गहरा प्रभाव है । लेकिन कल के कार्यक्रम के बाद बीजेपी आईटी सेल और अंधभक्त कट्टर वादियों ने सोशल मीडिया पर मेरे प्रति दुष्प्रचार कर रखा है कि मैंने हिंदू धर्म त्याग दिया है और धर्म परिवर्तन कर लिया है । मैं बाबा साहब की शिक्षा और गौतम बुद्ध के बताये उपदेशों का भरपूर समर्थन करते हुए यह गहरा विश्वास रखता हूं कि मुझे धर्म परिवर्तन करने की ना तो कोई आवश्यकता है ना ऐसा मेरा कोई इरादा है । हम किसी भी धर्म में रहकर मानवता की सेवा कर सकते हैं और भेदभाव, छुआछूत, घृणा, अंधविश्वास और पाखंड के खिलाफ बोल सकते हैं ।
कृपया भाजपा आईटी सेल के दुष्प्रचार में न फंसे और कोई गलतफहमी न पालें धन्यवाद । जय भीम । नमो बुद्धाय ।— Rajkumar Bhati (@rajkumarbhatisp) October 21, 2026
UP News: वीडियो को लेकर क्या बोले राजकुमार भाटी?
विवाद बढ़ने के बाद राजकुमार भाटी ने सोशल मीडिया पर अपनी सफाई दी। उन्होंने कहा कि वह सभी धर्मों, जातियों और समुदायों का सम्मान करते हैं। एक राजनीतिक कार्यकर्ता होने के नाते जहां भी उन्हें सम्मानपूर्वक आमंत्रित किया जाता है, वह वहां कार्यक्रम में शामिल होते हैं। भाटी ने स्पष्ट किया कि उन्हें गौतम बुद्ध की शिक्षाओं और बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों के प्रति विशेष सम्मान है। लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि उन्होंने अपना धर्म बदल लिया है। उन्होंने धर्म परिवर्तन की खबरों को खारिज करते हुए कहा कि न तो उन्हें धर्म परिवर्तन की आवश्यकता महसूस होती है और न ही उनका ऐसा कोई इरादा है। उन्होंने लोगों से सोशल मीडिया पर चल रहे दावों के आधार पर गलतफहमी में नहीं पड़ने की अपील भी की।
बीजेपी पर लगाया दुष्प्रचार का आरोप
राजकुमार भाटी ने अपने बयान में बीजेपी के आईटी सेल पर उनके खिलाफ दुष्प्रचार करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि बौद्ध महासभा के कार्यक्रम में शामिल होने के बाद उनके धर्म परिवर्तन को लेकर गलत दावे फैलाए गए। हालांकि, यह आरोप भाटी की ओर से लगाया गया है। इसे स्वतंत्र रूप से प्रमाणित तथ्य के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
चुनाव आते ही हिंदू होने का दिखावा करने वाली सपा की असलियत अब सबके सामने है!
सपा नेता भगवान विष्णु, महेश, श्रीराम और श्रीकृष्ण को भगवान मानने से इनकार कर रहे हैं।
अखिलेश यादव जी बताएं, क्या यही है सपा की असली सोच? चुनाव के समय हिंदू बनने का नाटक और बाकी समय हिंदू आस्था का अपमान आखिर कब तक चलेगा यह दोहरा चरित्र?
— Rohan Gupta (@rohanrgupta) October 21, 2026
UP News: बीजेपी नेता ने उठाए सवाल
इस विवाद पर बीजेपी नेता रोहन गुप्ता ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर राजकुमार भाटी के बयान और कार्यक्रम में दोहराई गई प्रतिज्ञाओं को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव से भी इस मुद्दे पर जवाब मांगा। इस तरह एक कार्यक्रम में शामिल होने और प्रतिज्ञाएं दोहराए जाने से शुरू हुआ मामला अब राजनीतिक बयानबाजी का विषय बन गया है।
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