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भारत को अस्थिर करने वाली ताकतों के 3 एजेंडे क्या हैं? बीजेपी ने विपक्ष को लिया आड़े हाथ

Sudhanshu Trivedi

Sudhanshu Trivedi: भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने विपक्ष की कुछ ताकतों पर भारत को अस्थिर करने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि इन ताकतों के तीन प्रमुख एजेंडे हैं, जिनमें सत्ता और संसाधनों का अपने हित में इस्तेमाल, समाज में विभाजन पैदा करना और भारतीय संस्कृति व धर्म के प्रति विरोध शामिल है। त्रिवेदी ने इन आरोपों के समर्थन में रावण के दस सिर का उदाहरण भी दिया और कहा कि इनका अंतिम उद्देश्य हिंसा तथा साजिश के जरिए सत्ता परिवर्तन करना है।

भारत को अस्थिर करने के तीन एजेंडे क्या हैं?

सुधांशु त्रिवेदी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजयादशमी संबोधन का उल्लेख करते हुए कहा कि देश को अस्थिर करने वाली ताकतें तीन प्रमुख एजेंडों पर काम कर रही हैं। उनके अनुसार, पहला एजेंडा अपने फायदे के लिए सत्ता और देश के संसाधनों का इस्तेमाल करना है। दूसरा, समाज में आपसी नफरत और भेदभाव बढ़ाकर विभाजन पैदा करना है। तीसरा, भारतीय संस्कृति और धर्म के प्रति विरोध का माहौल बनाना है। बीजेपी सांसद ने आरोप लगाया कि इन गतिविधियों का उद्देश्य देश की सामाजिक एकता और प्रगति को नुकसान पहुंचाना है।

Sudhanshu Trivedi: सनातन धर्म और हिंदुत्व को लेकर लगाए आरोप

बीजेपी सांसद ने आरोप लगाया कि कुछ संगठन और ताकतें सनातन धर्म को समाप्त करने की बात करते हैं और हिंदुत्व के खिलाफ अभियान चलाते हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति तथा हिंदू आस्था के प्रति विरोध भी कथित एजेंडे का हिस्सा है। त्रिवेदी के मुताबिक, इन गतिविधियों के जरिए समाज में वैचारिक टकराव बढ़ाने की कोशिश की जाती है। उन्होंने ऐसे प्रयासों को भारत की सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक एकता के लिए चुनौती बताया।

LIC, HAL, SBI और EVM पर उठाए सवाल

सुधांशु त्रिवेदी ने देश की विभिन्न संस्थाओं और व्यवस्थाओं को लेकर उठने वाले सवालों का भी जिक्र किया। उन्होंने LIC, HAL, SBI और SEBI के साथ-साथ वैक्सीन, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर होने वाली आलोचनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि अलग-अलग आंदोलनों में बार-बार नए मुद्दे उठाए जाते हैं, जबकि उनके पीछे कथित उद्देश्य एक ही रहता है। हालांकि, संस्थाओं और चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाना अपने आप में किसी साजिश का प्रमाण नहीं है।

Sudhanshu Trivedi: विपक्ष की मांगों की तुलना रावण के दस सिर से क्यों?

त्रिवेदी ने विपक्ष से जुड़े आंदोलनों और मांगों की तुलना रावण के दस सिर से की। उन्होंने कहा कि जिस तरह रावण का एक सिर काटने पर दूसरा सिर निकल आता था, उसी तरह एक मांग पूरी होने के बाद दूसरी मांग सामने आ जाती है। उन्होंने रामायण में रावण के साधु का भेष धारण करने का उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि कुछ ताकतें अपनी वास्तविक मंशा छिपाकर काम करती हैं। उनके अनुसार, अलग-अलग आंदोलनों में इस्तेमाल होने वाली समान भाषा के पीछे भी एक साझा एजेंडा हो सकता है।

हिंसा के जरिए सत्ता परिवर्तन की साजिश का आरोप

बीजेपी सांसद ने दावा किया कि इन ताकतों का अंतिम लक्ष्य जायज सार्वजनिक मांगों के पीछे छिपकर हिंसा और सुनियोजित साजिश के माध्यम से सत्ता परिवर्तन करना है। उन्होंने विपक्ष से जुड़े कुछ बयानों और आंदोलनों को इसी संदर्भ में उठाया। यह बयान ऐसे समय आया है, जब दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर राजनीतिक विरोध जारी है। बीजेपी ने इन गतिविधियों को लेकर विपक्ष पर सवाल उठाए हैं, जबकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित पक्षों के तर्कों को अलग-अलग देखना जरूरी है।

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