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कोलकाता दुर्गा पूजा हादसे की जांच के लिए SIT गठित, 3 महीने में सौंपेगी रिपोर्ट

Kolkata Durga Puja Incident:

Kolkata Durga Puja Incident: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के जोरबागान इलाके में दुर्गा पूजा के दौरान हुई भगदड़ की जांच के लिए राज्य सरकार ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। छह सदस्यीय इस टीम को हादसे की जांच पूरी कर तीन महीने के भीतर मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी को रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। इस हादसे में करीब 17 लोगों की मौत होने की खबर सामने आई थी। घटना के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राहुल गांधी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू समेत कई राजनीतिक हस्तियों ने शोक व्यक्त किया था।

Kolkata Durga Puja Incident: हादसे की निष्पक्ष जांच करेगी छह सदस्यीय SIT-

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने हादसे पर दुख जताते हुए निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया है। सरकार का कहना है कि जांच के जरिए भगदड़ के वास्तविक कारणों और घटना के लिए जिम्मेदार लोगों की भूमिका का पता लगाया जाएगा। जांच के दौरान मौके पर मौजूद सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण के इंतजाम और संबंधित विभागों की भूमिका की पड़ताल की जाएगी। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस और दमकल विभाग की भूमिका भी जांच के दायरे में रहेगी। SIT को तीन महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

Kolkata Durga Puja Incident: क्यों और कैसे मची थी भगदड़-

यह हादसा उत्तर कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में हुआ था। उस समय पंडाल में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, बारिश, संकरी गलियों और भीड़ को नियंत्रित करने में कथित खामियों के कारण हालात बिगड़ गए। कुछ मीडिया रिपोर्टों में पंडाल के भीतर की गई एक घोषणा को भी अफरा-तफरी बढ़ने की संभावित वजह बताया गया है। हालांकि, भगदड़ के पीछे की वास्तविक वजहों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। SIT इन सभी पहलुओं की पड़ताल कर घटना की परिस्थितियों का पता लगाएगी।

आयोजकों और सुरक्षा कर्मियों पर कार्रवाई-

हादसे के बाद पुलिस ने पूजा समिति से जुड़े पदाधिकारियों और निजी सुरक्षा व्यवस्था संभालने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या समेत संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि आयोजन के दौरान सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए थे या नहीं और भीड़ को नियंत्रित करने में कहां चूक हुई।

तीन महीने में सामने आएगी जांच रिपोर्ट-

छह सदस्यीय SIT की जांच से हादसे के कारणों, सुरक्षा व्यवस्था में संभावित खामियों और जिम्मेदार लोगों की भूमिका को लेकर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। टीम को तीन महीने के भीतर मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी को रिपोर्ट सौंपनी है। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसे के लिए किन परिस्थितियों और संभावित लापरवाहियों की भूमिका रही। फिलहाल, इस घटना ने दुर्गा पूजा जैसे बड़े आयोजनों में भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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