Air India CEO: टाटा समूह के नेतृत्व वाली एयर इंडिया में बड़ा प्रशासनिक बदलाव देखने को मिला है। कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) कैम्पबेल विल्सन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। यह फैसला ऐसे समय में सामने आया है जब एयर इंडिया लगातार आर्थिक दबाव और कई गंभीर चुनौतियों से जूझ रही है।
260 मौतों के बाद सख्त जांच
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एयरलाइन को बीते कुछ समय से लगातार वित्तीय नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसके साथ ही पिछले वर्ष जून में हुए एक भीषण विमान हादसे के बाद कंपनी को सुरक्षा मानकों को लेकर कड़ी नियामकीय जांच का भी सामना करना पड़ा था। इस दुर्घटना में कुल 260 लोगों की जान चली गई थी। इनमें विमान में मौजूद 241 यात्री और क्रू सदस्य तथा जमीन पर मौजूद 19 अन्य लोग शामिल थे।

लाइवमिंट की रिपोर्ट के मुताबिक, विल्सन के इस्तीफे के बाद एयर इंडिया का बोर्ड नए सीईओ की तलाश को तेज करने की तैयारी में है। माना जा रहा है कि नए नेतृत्व की नियुक्ति एयरलाइन के पुनर्गठन और सुधार की प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाएगी। इसलिए यह इस्तीफा एयर इंडिया के लिए नेतृत्व स्तर पर एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
कैम्पबेल विल्सन का पेशेवर सफर
कैम्पबेल विल्सन मूल रूप से न्यूजीलैंड के रहने वाले हैं। उन्हें वर्ष 2022 में सिंगापुर एयरलाइंस से एयर इंडिया में लाया गया था। उस समय टाटा समूह ने हाल ही में इस सरकारी एयरलाइन का अधिग्रहण किया था और उसके व्यापक पुनर्गठन की जिम्मेदारी विल्सन को सौंपी गई थी।
उनका कार्यकाल जुलाई 2027 तक निर्धारित था, लेकिन उन्होंने उससे पहले ही पद छोड़ने का निर्णय ले लिया। रिपोर्ट्स के अनुसार, एयर इंडिया का बोर्ड पहले से ही नए सीईओ की तलाश की प्रक्रिया शुरू कर चुका था। सूत्रों के मुताबिक, विल्सन फिलहाल छह महीने की नोटिस अवधि पूरी कर रहे हैं और नए सीईओ की नियुक्ति होने तक कंपनी से जुड़े रहेंगे।

Air India CEO: पिछले साल का बड़ा विमान हादसा
12 जून को अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की उड़ान टेकऑफ के कुछ ही देर बाद एक भीषण दुर्घटना का शिकार हो गई थी। इस हादसे में बोइंग 787-8 विमान शामिल था। विमान में कुल 242 लोग सवार थे, जिनमें से 241 लोगों की मौत हो गई।इस घटना के बाद से ही एयरलाइन की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठे और कैम्पबेल विल्सन को भी लगातार आलोचनाओं का सामना करना पड़ा।
एयर इंडिया के सामने मौजूदा चुनौतियां
वर्तमान समय में एयर इंडिया कई बड़ी चुनौतियों से जूझ रही है। इनमें नए विमानों की डिलीवरी में हो रही देरी प्रमुख समस्या है, जिससे कंपनी की विस्तार योजनाएं प्रभावित हो रही हैं।

इसके अलावा सुरक्षा मानकों को लेकर भी नियामक संस्थाओं ने एयरलाइन को कड़ी फटकार लगाई है। आरोप है कि एयर इंडिया ने एक विमान को आठ बार बिना एयरवर्दीनेस प्रमाणपत्र के उड़ाया। साथ ही कुछ उड़ानों को आपातकालीन उपकरणों की पूरी जांच किए बिना भी संचालित किए जाने की बात सामने आई है।
इन समस्याओं के साथ-साथ एयरलाइन को लगातार हो रहे वित्तीय नुकसान और अपेक्षा से धीमी गति से चल रहे पुनर्गठन की प्रक्रिया से भी जूझना पड़ रहा है। ऐसे में नए सीईओ की नियुक्ति को एयर इंडिया के भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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