Ajit Pawar: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख अजित पवार का प्लेन क्रैश हुआ है। शुरुआती जानकारी सामने आई कि अजित पवार का प्लेन बारामती एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग के दौरान क्रैश हुआ। यह घटना सुबह करीब 9 बजे हुई। प्लेन ने मुंबई से उड़ान भरी थी जो लगभग एक घंटे के बाद क्रैश हो गया। बारामती से सामने तस्वीरों में देखा गया कि क्रैश के बाद प्लेन में आग लग गई। डीजीसीए के अनुसार, इस हादसे में छह लोगों की मौत हो चुकी है। अजित पवार को लेकर जानकारी सामने आई कि उन्हें स्थानीय निकाय चुनावों से पहले आज बुधवार को रैलियों में शामिल होने के लिए बारामती जाना था।
पाँच लोग थे सवार
विमान में कुल पाँच लोग सवार थे। कम दृश्यता (लो विज़िबिलिटी) के कारण यह हादसा हुआ। दुर्घटना बेहद भयावह थी और टक्कर के बाद पूरे इलाके में धुएं का गुबार फैल गया। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार आज सुबह मुंबई से बारामती के लिए एक विशेष विमान से रवाना हुए थे। बारामती में जिला परिषद चुनावों को लेकर प्रचार सभाओं का आयोजन किया गया था। बारामती तहसील के विभिन्न जिला परिषद क्षेत्रों में आज कुल चार चुनावी रैलियां प्रस्तावित थीं।विमान में अजित पवार के साथ उनके सुरक्षाकर्मी और सहायक मौजूद थे। हादसे की सूचना मिलते ही कई कार्यकर्ता और उनके करीबी सहयोगी भी घटनास्थल पर पहुंच गए।
Baramati, Maharashtra: A plane crashed in Maharashtra’s Baramati. It is being reported that Deputy Chief Minister Ajit Pawar was on board the aircraft pic.twitter.com/jSY94MjFR0
— IANS (@ians_india) January 28, 2026
Ajit Pawar: विमान में कौन-कौन सवार था?
विमान में महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार, दो अन्य लोग (एक पीएसओ और एक अटेंडेंट) तथा दो क्रू मेंबर (पायलट-इन-कमांड और फर्स्ट ऑफिसर) सवार थे। शुरुआती जानकारी के अनुसार, इस हादसे में विमान में सवार कोई भी व्यक्ति जीवित नहीं बचा।
चाचा शरद पवार से सीखी राजनीति की ABCD
अजित पवार ने राजनीति की शुरुआती शिक्षा अपने चाचा शरद पवार से ली। वे पिछले चार दशकों से महाराष्ट्र की राजनीति में एक अहम भूमिका निभाते आ रहे हैं। अजित पवार राज्य के आठवें उपमुख्यमंत्री रहे हैं और अलग-अलग सरकारों में मंत्री पद की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। समर्थकों के बीच ‘दादा’ के नाम से पहचाने जाने वाले अजित पवार ने 1980 के दशक में शरद पवार के मार्गदर्शन में राजनीति में कदम रखा। वर्ष 1991 में उन्हें पहली बड़ी सफलता तब मिली, जब उन्होंने बारामती लोकसभा सीट पर जीत दर्ज की। हालांकि, बाद में उन्होंने अपने चाचा के लिए यह पद छोड़ दिया। इसके बाद हुए उपचुनाव में शरद पवार ने जीत हासिल की और पी. वी. नरसिम्हा राव सरकार में रक्षा मंत्री बने। इसी वर्ष अजित पवार ने अपने पारिवारिक गढ़ बारामती विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा और विधायक बने। वे सात बार इस सीट का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। 2019 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने 1.65 लाख से अधिक मतों के बड़े अंतर से जीत हासिल की।
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