Amit shah: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बिहार दौरे से पहले सीमांचल क्षेत्र को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. चर्चा इस बात की है कि बिहार के सीमांचल और पश्चिम बंगाल के कुछ सीमावर्ती इलाकों को मिलाकर नया प्रशासनिक ढांचा संभवतः केंद्र शासित प्रदेश बनाने पर विचार किया जा सकता है. हालांकि इस संबंध में अभी तक सरकार की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक बयानों ने बहस को गर्म कर दिया है.
आरजेडी का दावा: वोट बैंक की सियासत
आरजेडी के एक वरिष्ठ नेता और विधायक ने आरोप लगाया कि सीमांचल और बंगाल के कुछ हिस्सों को मिलाकर केंद्र शासित प्रदेश बनाने की तैयारी चल रही है. उनके अनुसार ऐसा कदम राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित करने के लिए उठाया जा सकता है, जिससे राज्य की राजनीति और वोट बैंक पर असर पड़ेगा. पार्टी का कहना है कि घुसपैठ के मुद्दे को आधार बनाकर यह प्रस्ताव आगे बढ़ाया जा सकता है.
Amit shah: बीजेपी का जवाब: सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता
आरजेडी के दावों पर बीजेपी नेताओं ने पलटवार करते हुए कहा कि सीमांचल क्षेत्र में सबसे बड़ी चुनौती सीमा सुरक्षा और अवैध घुसपैठ है. पार्टी के नेताओं का कहना है कि अगर राष्ट्रीय सुरक्षा और प्रशासनिक मजबूती के लिए कोई बड़ा फैसला लेना पड़ा तो केंद्र सरकार वह कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगी. हालांकि उन्होंने भी स्पष्ट किया कि अंतिम निर्णय केंद्र सरकार के स्तर पर ही होगा.
Amit shah: अमित शाह का तीन दिवसीय दौरा अहम
गृह मंत्री अमित शाह का यह दौरा कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है. वे सीमावर्ती जिलों में सुरक्षा व्यवस्था, विकास कार्यों और प्रशासनिक हालात की समीक्षा करेंगे. अधिकारियों के साथ बैठकों में घुसपैठ, कानून-व्यवस्था और विकास योजनाओं पर चर्चा होने की संभावना है.प्रशासन ने भी दौरे को लेकर तैयारी तेज कर दी है. सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था सख्त की गई है और खुफिया एजेंसियां सक्रिय हैं.
चुनावी और सुरक्षा दोनों पहलू
विशेषज्ञों का मानना है कि सीमांचल क्षेत्र लंबे समय से सुरक्षा और विकास दोनों दृष्टि से चर्चा में रहा है. ऐसे में किसी भी प्रशासनिक बदलाव की चर्चा स्वाभाविक रूप से राजनीतिक रंग ले लेती है. आने वाले समय में केंद्र और राज्य सरकारों के आधिकारिक बयानों से ही स्थिति स्पष्ट होगी कि यह केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप है या वास्तव में किसी बड़े प्रशासनिक प्रस्ताव पर विचार हो रहा है.बिहार के सीमांचल और बंगाल के सीमावर्ती इलाकों को लेकर नया राज्य या केंद्र शासित प्रदेश बनाने की चर्चा ने राजनीतिक माहौल गर्म कर दिया है. फिलहाल यह बहस बयानबाजी के स्तर पर है, लेकिन गृह मंत्री के दौरे के बाद इस मुद्दे पर तस्वीर कुछ और साफ हो सकती है.
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