Anti Naxal Policy: तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक बी शिवधर रेड्डी ने भूमिगत माओवादी नेताओं और कार्यकर्ताओं से हिंसा छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने की अपील की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की पुनर्वास योजना के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं और बीते दो वर्षों में 588 माओवादी नेता एवं कार्यकर्ता आत्मसमर्पण कर सामान्य जीवन में लौट चुके हैं।
मुख्यमंत्री की दोहराई अपील
पुलिस महानिदेशक ने मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी की उस अपील को दोहराया, जिसमें माओवादियों से हिंसा त्यागकर पुनर्वास नीति के तहत समाज में पुनः शामिल होने का आग्रह किया गया था। उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले लोगों को राज्य सरकार की नीति के तहत सहायता और सुविधाएं दी गई हैं। वर्तमान में वे अपने परिवारों के साथ गांवों में सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर रहे हैं।
Anti Naxal Policy: पुनर्वास नीति के सकारात्मक परिणाम
डीजीपी ने कहा कि तेलंगाना सरकार की नीति की विश्वसनीयता और मानवीय दृष्टिकोण के कारण अन्य राज्यों के कुछ भूमिगत माओवादी भी आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित हुए हैं। उन्होंने शेष 15 सक्रिय कार्यकर्ताओं से भी आगे आकर शांतिपूर्ण भविष्य अपनाने का आग्रह किया।
Anti Naxal Policy: सहायता और सुरक्षा का आश्वासन
पुलिस प्रमुख ने भरोसा दिलाया कि आत्मसमर्पण करने वालों को निर्धारित नियमों के अनुसार त्वरित सहायता और पुनर्वास लाभ दिए जाएंगे। सरकार उनकी सामाजिक पुनर्स्थापना और दीर्घकालिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि बदलते समय में स्थायी समाधान के लिए संवाद और शांतिपूर्ण मार्ग ही उचित विकल्प है। डीजीपी ने माओवादियों से अपील की कि वे परिस्थितियों को समझें, अपने परिवारों से जुड़ें और राज्य के विकास में सकारात्मक योगदान दें।
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