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बंगला साहिब विवाद: केजरीवाल के खिलाफ DSGMC की शिकायत, धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप

Bangla Sahib Controversy:

Bangla Sahib Controversy: दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधन समिति (DSGMC) ने आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल और पार्टी के अन्य नेताओं के खिलाफ दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। समिति ने आरोप लगाया है कि 10 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान ऐतिहासिक गुरुद्वारा बंगला साहिब परिसर में व्यवधान पैदा किया गया। साथ ही, घटना से जुड़े भ्रामक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित करने का भी आरोप लगाया गया है।

Bangla Sahib Controversy: क्या है गुरुद्वारा बंगला साहिब और AAP का पूरा मामला-

दरअसल, शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया जा रहा था। इस दौरान पुलिस की सख्ती के बाद कई प्रदर्शनकारी गुरुद्वारा बंगला साहिब परिसर में जमा हो गए। DSGMC ने नई दिल्ली जिले के पुलिस उपायुक्त (DCP) कार्यालय में शिकायत देकर आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी से जुड़े कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने गुरुद्वारा परिसर में प्रवेश कर हंगामा किया। समिति के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने धार्मिक स्थल की पवित्रता का इस्तेमाल राजनीतिक उद्देश्यों के लिए किया।

Bangla Sahib Controversy: गुरुद्वारा परिसर में नारेबाजी का आरोप-

DSGMC का आरोप है कि गुरुद्वारा बंगला साहिब के पवित्र परिसर में राजनीतिक नारे लगाए गए, जिससे श्रद्धालुओं और सिख संगत की धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। समिति के अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस को सीसीटीवी फुटेज और वीडियो साक्ष्य सौंपे हैं। साथ ही, परिसर में व्यवधान पैदा करने वाले लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की गई है। शिकायत में कथित तौर पर उन्हें भेजने और उकसाने वालों पर भी कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।

अरविंद केजरीवाल पर क्या आरोप लगाए गए-

DSGMC ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी के नेताओं और विधायकों ने घटना को सोशल मीडिया पर तोड़-मरोड़कर पेश किया और गुरुद्वारा प्रबंधन को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया। समिति का कहना है कि अरविंद केजरीवाल ने भी सार्वजनिक रूप से इस रुख का समर्थन किया। DSGMC ने आरोप लगाया कि घटना से जुड़े वीडियो चुनिंदा तरीके से प्रसारित कर पूरे मामले को गलत रूप में पेश करने की कोशिश की गई।

गुरुद्वारे के वायरल वीडियो पर दिल्ली पुलिस ने क्या कहा-

गुरुद्वारा बंगला साहिब में पुलिस के प्रवेश को लेकर सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ। इसमें पुलिसकर्मियों के जूते पहनकर गुरुद्वारा परिसर में प्रवेश करने का आरोप लगाया गया, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत होने की बात कही गई। इस मामले पर नई दिल्ली के DCP सचिन शर्मा ने स्पष्ट किया कि पुलिसकर्मी उस आम रास्ते से गुजरे थे, जिसका इस्तेमाल श्रद्धालु जूते उतारने के स्थान यानी जोड़ा घर तक पहुंचने के लिए करते हैं। पुलिस के मुताबिक, भ्रामक वीडियो के जरिए धार्मिक भावनाएं भड़काने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

भगवंत मान ने पुलिस के प्रवेश पर जताई नाराजगी-

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर गुरुद्वारा परिसर में पुलिस के प्रवेश की निंदा की।उन्होंने कहा कि गुरुघर के दरवाजे संकट के समय आश्रय मांगने वाले हर व्यक्ति के लिए खुले रहते हैं। मान के मुताबिक, जरूरतमंद लोगों को शरण देना सेवादारों का कर्तव्य है। इस तरह, बंगला साहिब परिसर में पुलिस के प्रवेश और प्रदर्शनकारियों की मौजूदगी को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। जहां DSGMC ने धार्मिक भावनाएं आहत करने और भ्रामक वीडियो प्रसारित करने के आरोप लगाए हैं, वहीं भगवंत मान ने संकट के समय गुरुद्वारे में शरण लेने वालों के प्रति संवेदनशीलता बरतने की बात कही है।

चुनिंदा वीडियो वायरल करने पर DSGMC ने क्या कहा-

DSGMC अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका ने आशंका जताई कि गुरुद्वारा परिसर में हुए घटनाक्रम और उसके बाद चुनिंदा वीडियो वायरल करने के पीछे राजनीतिक उद्देश्य हो सकता है। उनके मुताबिक, इस तरह की गतिविधियों का मकसद धार्मिक स्थल के भीतर विवाद पैदा करना, धार्मिक भावनाओं को भड़काना और गुरुद्वारा प्रबंधन की छवि खराब करना हो सकता है। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि इस पूरे घटनाक्रम से राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की गई। समिति ने पुलिस से मामले की जांच करने और शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

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