Bengal Election: पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनसभाओं को संबोधित करते हुए विपक्षी दलों पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक पारित न होने के लिए विपक्ष को जिम्मेदार ठहराया और इसे देश की आधी आबादी का अपमान बताया। उन्होंने कहा कि माताएं और बहनें इस अपमान को कभी स्वीकार नहीं करेंगी।
विधेयक पर विपक्ष को घेरा
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों ने जानबूझकर इस महत्वपूर्ण विधेयक को पारित नहीं होने दिया। उनका कहना था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं को राजनीतिक भागीदारी देने के लिए लोकसभा और विधानसभाओं में तैंतीस प्रतिशत आरक्षण का प्रस्ताव रखा था, लेकिन विपक्ष ने इसे रोक दिया। उन्होंने कहा कि यह महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ साजिश है।
Bengal Election: बंगाल सरकार पर तीखे आरोप
योगी आदित्यनाथ ने पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ सरकार और ममता बनर्जी पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में घुसपैठियों को बढ़ावा दिया जा रहा है और उन्हें मतदाता सूची में शामिल किया जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि राज्य में अराजकता और भय का माहौल है।
विकास और रोजगार पर तुलना
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल की तुलना करते हुए कहा कि उनके राज्य में करोड़ों युवाओं को रोजगार मिला है, जबकि बंगाल में बेरोजगारी बढ़ रही है। उन्होंने किसानों की स्थिति पर भी चिंता जताई और कहा कि बंगाल में उन्हें उचित मूल्य नहीं मिल रहा है। उद्योगों के बंद होने और उत्पादन में गिरावट को भी उन्होंने सरकार की नीतियों का परिणाम बताया।
Bengal Election: सांस्कृतिक और सामाजिक मुद्दों पर बयान
योगी आदित्यनाथ ने धार्मिक और सांस्कृतिक मुद्दों को उठाते हुए कहा कि बंगाल में धार्मिक आयोजनों में बाधाएं डाली जाती हैं, जबकि उत्तर प्रदेश में सभी त्योहार शांतिपूर्ण तरीके से सपन्न हो रहे हैं। उन्होंने नागरिकता संशोधन अधिनियम का समर्थन करते हुए कहा कि इससे पीड़ित समुदायों को अधिकार मिले हैं। अंत में उन्होंने मतदाताओं से भाजपा उम्मीदवारों का समर्थन करने और राज्य में बदलाव लाने की अपील की।








