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बंगाल में ‘खेला’1000 करोड़ की डील विवाद के बाद AIMIM ने हुमायूं कबीर से तोड़ा गठबंधन

एआईएमआईएम ने हुमायूं कबीर की पार्टी से तोड़ा गठबंधन
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Bengal Chunav: पश्चिम बंगाल की राजनीति में चुनाव से ठीक पहले हलचल तेज हो गई है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) ने बड़ा फैसला लेते हुए हुमायूं कबीर की पार्टी के साथ अपना गठबंधन तोड़ दिया है। अब पार्टी ने साफ कर दिया है कि वह बंगाल में किसी भी दल के साथ मिलकर नहीं, बल्कि अकेले चुनाव लड़ेगी।

एआईएमआईएम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए साफ कहा कि हुमायूं कबीर के खुलासों से यह जाहिर हो गया है कि बंगाल के मुसलमान कितने कमजोर हैं। एआईएमआईएम ऐसे किसी भी बयान से खुद को नहीं जोड़ सकती, जिससे मुसलमानों की गरिमा पर सवाल उठे। आज की तारीख में, एआईएमआईएम ने कबीर की पार्टी के साथ अपना गठबंधन तोड़ लिया है। बंगाल के मुसलमान सबसे गरीब, उपेक्षित और शोषित समुदायों में से एक हैं। दशकों तक धर्मनिरपेक्ष शासन रहने के बावजूद, उनके लिए कुछ भी नहीं किया गया है। किसी भी राज्य में चुनाव लड़ने के पीछे एआईएमआईएम की नीति यह है कि हाशिए पर पड़े समुदायों की अपनी एक स्वतंत्र राजनीतिक आवाज हो। हम बंगाल चुनाव स्वतंत्र रूप से लड़ेंगे और आगे किसी भी पार्टी के साथ हमारा कोई गठबंधन नहीं होगा।

दरअसल, पूरा मामला एक कथित वीडियो के सामने आने के बाद शुरू हुआ। इस वीडियो में हुमायूं कबीर को कथित तौर पर भाजपा नेताओं के साथ बैठकर ममता बनर्जी को हराने की रणनीति बनाते हुए दिखाया गया है। यह वीडियो तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके जारी किया, जिसके बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया। टीएमसी का आरोप है कि हुमायूं कबीर भाजपा के बड़े नेताओं, जैसे सुवेंदु अधिकारी और हिमंत बिस्वा सरमा के संपर्क में थे। इतना ही नहीं, पार्टी ने दावा किया कि ममता बनर्जी को सत्ता से हटाने के लिए करीब 1000 करोड़ रुपये की बड़ी डील हुई है, जिसमें से 200 करोड़ रुपये एडवांस भी दिए जा चुके हैं। टीएमसी ने इस पूरे मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी से कराने की मांग की है। दूसरी तरफ, हुमायूं कबीर ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है।

उनका कहना है कि जो वीडियो वायरल हो रहा है, वह असली नहीं है, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से बनाया गया है। उन्होंने इसे अपनी छवि खराब करने की साजिश बताया और कहा कि वह इसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे। वहीं भाजपा ने भी इन आरोपों को गलत बताया है। पार्टी का कहना है कि टीएमसी चुनाव में हार के डर से इस तरह के झूठे आरोप लगा रही है और माहौल खराब करने की कोशिश कर रही है।

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