BJP President Election 2026: भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए आधिकारिक तौर पर अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। उनके नामांकन के प्रस्तावक के रूप में गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शामिल रहे। इस दौरान भाजपा के मौजूदा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे।
नामांकन प्रक्रिया में पार्टी का पूरा शीर्ष नेतृत्व रहा मौजूद
नामांकन के मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, विभिन्न राज्यों के भाजपा अध्यक्ष, सांसद और वरिष्ठ पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। पार्टी सूत्रों के अनुसार, नितिन नबीन स्वयं भाजपा कार्यालय नहीं गए, बल्कि उनकी ओर से वरिष्ठ नेताओं ने नामांकन प्रस्ताव भाजपा के राष्ट्रीय कार्यालय में पार्टी निर्वाचन अधिकारी को सौंपे।
BJP President Election 2026: 2 से 4 बजे तक चली नामांकन प्रक्रिया
भाजपा अध्यक्ष चुनाव के तहत नामांकन की प्रक्रिया दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे तक चली। इस दौरान सभी राज्यों से प्रस्ताव प्राप्त हुए। प्रस्तावकों में प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष शामिल रहे। बताया गया कि पहला प्रस्ताव प्रधानमंत्री के हस्ताक्षर के साथ दिया गया।
BJP President Election 2026: युवा नेतृत्व पर पार्टी का भरोसा
भाजपा सांसद रवि किशन ने नितिन नबीन के नामांकन पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे नए भारत और युवा भारत के लिए ऐतिहासिक दिन बताया। उन्होंने कहा कि नितिन नबीन के नेतृत्व को पार्टी और देशभर के कार्यकर्ताओं का समर्थन प्राप्त है और उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने से युवाओं में उत्साह है।
सबसे युवा अध्यक्ष बन सकते हैं नितिन
भाजपा में अब तक 11 नेता राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके हैं, जिनमें लालकृष्ण आडवाणी तीन बार और राजनाथ सिंह दो बार इस पद पर रहे हैं। यदि नितिन नबीन निर्विरोध चुने जाते हैं, तो वे पार्टी के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष होंगे। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव राष्ट्रीय परिषद करती है, जिसमें करीब 5,708 सदस्य शामिल हैं। हालांकि, यदि केवल एक ही नामांकन होता है, तो मतदान की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
भाजपा में स्थिर नेतृत्व की झलक
गौरतलब है कि पिछले छह महीनों में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और झारखंड में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष निर्विरोध चुने जा चुके हैं, जिससे पार्टी में संगठनात्मक स्थिरता और सहमति का संकेत मिलता है।
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