Budget 2026: संसद के बजट सत्र से पहले सरकार ने आज विधायी और अन्य एजेंडों पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाई। रक्षा मंत्री की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में 35 से अधिक राजनीतिक दलों के सांसद शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी बजट सत्र को सकारात्मक, सहयोगपूर्ण और सुचारू रूप से चलाने पर सहमति बनाना रहा।
28 जनवरी से शुरू होगा बजट सत्र
बजट सत्र की शुरुआत 28 जनवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक को संबोधित करने से होगी। इसके बाद 1 फरवरी को केंद्रीय बजट पेश किया जाएगा। यह दिन रविवार है। यह वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का लगातार नौवां बजट होगा और मोदी 3.0 सरकार का तीसरा पूर्ण बजट माना जा रहा है।
Budget 2026: किरण रिजिजू बोले….
ऑल पार्टी मीटिंग के बाद केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद ही अपना विधायी एजेंडा साझा करती है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को अपनी बात रखने की पूरी आजादी है, लेकिन संवाद के लिए सुनना भी जरूरी है। रिजिजू ने मनरेगा की जगह लाए गए VB-G RAM-G कानून पर अलग से चर्चा की मांग को खारिज कर दिया।

Budget 2026: विपक्षी सांसदों ने उठाए कई मुद्दे
बैठक के बाद विपक्षी नेताओं ने अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दीं। शिवसेना (UBT) सांसद अरविंद सावंत ने कहा कि प्रदूषण, बेरोजगारी और SIR जैसे कई अहम मुद्दे उठाए गए। समाजवादी पार्टी के राम गोपाल यादव ने कहा कि यह बजट आम जनता के लिए नहीं, बल्कि संपन्न वर्ग के लिए होगा। आप सांसद संजय सिंह ने विदेश नीति, बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार, वोट डिलीट करने के आरोप, शंकराचार्य के अपमान और SIR जैसे मुद्दे उठाने की बात कही।
Budget 2026: ऑल पार्टी मीटिंग में विपक्ष की प्रमुख मांगें
विपक्षी दलों ने भारत-यूरोपीय संघ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर चर्चा, ओडिशा में किसानों की स्थिति और कानून-व्यवस्था, 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन से जुड़ा कानून लाने जैसी मांगें रखीं।
इन विधेयकों पर हो सकती है चर्चा
बजट सत्र के दौरान लोकसभा में 9 विधेयक लंबित हैं, जिनमें विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक 2025, प्रतिभूति बाजार संहिता 2025 और संविधान (129वां संशोधन) विधेयक 2024 शामिल हैं। ये विधेयक फिलहाल संसदीय समितियों में विचाराधीन हैं।
बजट सत्र से जुड़े अहम तथ्य
बजट सत्र 2 अप्रैल तक चलेगा, जिसमें इंटरसेशन ब्रेक भी होगा। पहला चरण 13 फरवरी तक और दूसरा चरण 9 मार्च से 2 अप्रैल तक चलेगा। कुल 30 बैठकें होंगी। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर 2 से 4 फरवरी तक चर्चा तय है।
SBI रिपोर्ट: कैपेक्स में बड़ी बढ़ोतरी की उम्मीद
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक FY-27 में केंद्र सरकार का पूंजीगत खर्च 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है, जो सालाना आधार पर करीब 10% की बढ़ोतरी दर्शाता है। इससे इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास परियोजनाओं को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
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