Buxar News: बक्सर जिले में निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। गोलंबर–जासो रोड स्थित एशिया पैसिफिक हेल्थ केयर में इलाज के दौरान एक मरीज की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। लोगों ने अस्पताल प्रबंधन और इलाज करने वाले डॉक्टर राजेश मिश्रा पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया।
इलाज में देरी से हालत बिगड़ी
मृतक की पहचान अहिरौली गांव निवासी श्रीकृष्ण यादव (उम्र करीब 55 वर्ष) के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, श्रीकृष्ण यादव खांसी, जुकाम और बुखार की शिकायत लेकर सोमवार सुबह करीब 9 बजे रिक्शा से अस्पताल पहुंचे थे। आरोप है कि उस समय अस्पताल में कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था, इसके बावजूद मरीज को भर्ती कर लिया गया। परिजनों का कहना है कि पूरे दिन मरीज को भर्ती रखकर केवल इंतजार कराया गया और दोपहर बाद डॉक्टर राजेश मिश्रा ने मरीज को देखा। आरोप है कि शाम करीब 6 बजे मरीज की हालत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद डॉक्टरों ने उसे दूसरे अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। परिजनों का यह भी आरोप है कि रेफर किए जाने के बावजूद बिल भुगतान को लेकर मरीज को काफी देर तक अस्पताल में रोके रखा गया, जिससे इलाज में देरी हुई और मरीज की हालत और बिगड़ गई।
Buxar News: स्थानीय लोगों ने लगाए आरोप
परिजनों का दावा है कि जब मरीज को एंबुलेंस से दूसरे अस्पताल ले जाया जा रहा था, तभी रास्ते में उसकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल परिसर में परिजन और स्थानीय लोग जुट गए और निजी अस्पतालों की कार्यशैली पर नाराजगी जाहिर की। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि जिले के कई निजी अस्पतालों में इलाज से पहले मोटी रकम जमा कराने की शर्त रखी जाती है और “पहले पैसा, फिर इलाज” की नीति अपनाई जा रही है। लोगों का यह भी कहना है कि कई अस्पतालों में योग्य और डिग्रीधारी डॉक्टरों की कमी के बावजूद इलाज किया जा रहा है।
घटना के बाद अस्पताल परिसर में कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति बन गई। सूचना मिलने पर नगर थाना और मुफस्सिल थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझा-बुझाकर हालात को नियंत्रित किया।
Report BY: धीरज कुमार
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