CBI: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने कंबोडिया में सक्रिय एक साइबर ठगी गिरोह के भारतीय रिक्रूटर को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह भारतीय युवाओं को विदेशी नौकरी का झांसा देकर साइबर अपराधों में शामिल कर रहा था। आरोपी की पहचान कृष्ण कुमार लखवानी के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के कानपुर का निवासी है।
साइबर ठगी के लिए युवाओं को विदेश भेजने का काम
सीबीआई के अनुसार, आरोपी भारतीय नागरिकों को अच्छे वेतन वाली नौकरियों का लालच देता था और उन्हें कंबोडिया भेजने का इंतजाम करता था। वहां पहुंचने के बाद, इन युवाओं को साइबर ठगी गिरोहों के नेटवर्क में शामिल कर लिया जाता था। इसके बदले में उनसे 300 से 400 अमेरिकी डॉलर तक वसूले जाते थे।
CBI: कंबोडिया में साइबर ठगी का ऑपरेशन
यह गिरोह कंबोडिया के “स्कैम कंपाउंड्स” में भारतीय युवाओं को धमकी, डराने-धमकाने और अवैध रूप से कैद करके साइबर ठगी करने के लिए मजबूर करता था। इन युवाओं को डिजिटल अरेस्ट स्कैम, पहचान की चोरी और अन्य ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों में शामिल किया जाता था। उन्हें “साइबर स्लेव” के रूप में इस्तेमाल किया जाता था।
गिरफ्तारी और जांच की आगे की प्रक्रिया
सीबीआई ने आरोपी कृष्ण कुमार लखवानी को ट्रैक कर गिरफ्तार किया और उसके मोबाइल फोन की जांच की। इसमें कई वीडियो मिले, जिसमें वह उम्मीदवारों का इंटरव्यू लेते हुए दिखाई दे रहा था, जिन्हें इन ठगी गिरोहों में भर्ती किया जा रहा था। सीबीआई ने इस पूरे नेटवर्क के खिलाफ जांच तेज कर दी है।







