Chomu violence case: राजस्थान के जयपुर जिले के चौमूं कस्बे में धार्मिक स्थल के पास हुए विवाद के बाद भड़की हिंसा को लेकर हालात अभी भी तनावपूर्ण बने हुए हैं। कानून-व्यवस्था को नियंत्रण में रखने और अफवाहों के प्रसार को रोकने के लिए प्रशासन ने इंटरनेट सेवाओं पर लगी रोक को अगले 24 घंटे के लिए बढ़ा दिया है। अब यह पाबंदी रविवार सुबह 7 बजे तक प्रभावी रहेगी।
प्रशासन की ओर से बताया गया कि सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए भ्रामक सूचनाएं फैलने की आशंका को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। डिविजनल कमिश्नर पूनम ने पुलिस कमिश्नर से स्थिति की रिपोर्ट मिलने के बाद इंटरनेट बंदी के आदेश जारी किए।
कैसे भड़की हिंसा
जानकारी के अनुसार, चौमूं के मुख्य बस स्टैंड के पास स्थित एक धार्मिक स्थल के बाहर पत्थर हटाने और लोहे की रेलिंग व बाउंड्री वॉल लगाने को लेकर विवाद शुरू हुआ था। प्रशासन का कहना है कि सड़क किनारे पड़े पत्थरों को हटाने को लेकर स्थानीय समुदाय से सहमति बनी थी, लेकिन बाद में वहां रेलिंग लगाए जाने से तनाव बढ़ गया। शुक्रवार तड़के करीब 3 बजे पुलिस और प्रशासनिक टीम कथित अवैध कब्जा हटाने पहुंची थी। इसी दौरान भीड़ उग्र हो गई और पथराव शुरू कर दिया। इस घटना में छह पुलिसकर्मी घायल हो गए।
Chomu violence case: 110 आरोपी हिरासत में
पुलिस ने अब तक इस मामले में 11 महिलाओं समेत कुल 110 लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज और वीडियो के आधार पर पत्थरबाजी में शामिल लोगों की पहचान की गई, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। स्पेशल कमिश्नर राहुल प्रकाश खुद पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं।
हाई अलर्ट पर इलाका
स्थिति को देखते हुए चौमूं को हाई-सिक्योरिटी जोन में तब्दील कर दिया गया है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है और लगातार फ्लैग मार्च किए जा रहे हैं। हालांकि बाजार खुले हैं और यातायात सामान्य रूप से जारी है, लेकिन प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। अधिकारियों ने साफ किया है कि सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर भरोसा न करें, प्रशासन का सहयोग करें और शांति बनाए रखें।
ये भी पढ़े… ब्राह्मण विधायकों की बैठक पर सपा का तंज, पवन पांडेय बोले– BJP राज में दुख भी कहना मुश्किल







