Delhi Assembly: दिल्ली विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन को लेकर भाजपा विधायक हरीश खुराना ने कहा कि आज कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने वाली है। प्रश्नकाल के बाद नियम 280 के तहत जनहित के मामलों पर चर्चा होगी।
दिल्ली विधानसभा सत्र में CAG रिपोर्ट पर बड़ा आरोप
जेएनयू कैंपस में हुई नारेबाजी पर भाजपा विधायक हरीश खुराना ने कहा, “अब समय आ गया है कि ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। देश विरोधी नारे लगाना बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। जो भी इसमें शामिल है, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। मुझे विश्वास है कि दिल्ली पुलिस इस मामले का संज्ञान ले रही है और जो लोग इसके लिए जिम्मेदार हैं, उन्हें तुरंत गिरफ्तार किया जाएगा और बिना किसी देरी के उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।”

वहीं, मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने आम आदमी पार्टी (आप) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों से नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्टों को जानबूझकर रोका गया, ताकि आम आदमी पार्टी की कथित गड़बड़ियां जनता के सामने न आ सकें।
मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि आम आदमी पार्टी इसी कारण से सीएजी रिपोर्टों को विधानसभा में पेश नहीं होने दे रही थी। उन्होंने बताया कि मुख्य रूप से तीन अहम सीएजी रिपोर्टें हैं, जिनमें ‘शीशमहल’, दिल्ली जल बोर्ड और प्रदूषण से जुड़ी रिपोर्ट शामिल हैं। सिरसा ने कहा कि अब ये सभी रिपोर्टें विधानसभा में पेश की जाएंगी और इन पर खुलकर चर्चा होगी।
Delhi Assembly में प्रदूषण पर बहस से विपक्ष दूर?
उन्होंने विपक्ष की नेता आतिशी से अपील करते हुए कहा कि वे इस चर्चा में भाग लें और इससे भागें नहीं। मंत्री ने कहा कि यह जानना जरूरी है कि कहां कमियां रहीं और आखिर क्यों दिल्ली के लोगों को साफ हवा नहीं मिल पाई। उनके अनुसार, इन मुद्दों पर गंभीर चर्चा बेहद जरूरी है। विधानसभा परिसर में ‘आप’ विधायकों द्वारा मास्क पहनकर किए गए प्रदर्शन पर भी मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा कि मास्क पहनकर कोई भी अपना चेहरा और सच्चाई नहीं छिपा सकता। आम आदमी पार्टी ने 11 साल तक दिल्ली को प्रदूषित हवा की समस्या दी है। हर साल अरविंद केजरीवाल यही कहते रहे कि अगले साल प्रदूषण ठीक हो जाएगा। 11 वर्षों तक अरविंद केजरीवाल ने हर साल झूठे वादे किए और बार-बार पांच साल और मांगे। आज हालात ऐसे हैं कि लोग मास्क पहनने को मजबूर हैं।
JNU नारेबाजी पर सख्त रुख
मंत्री सिरसा ने कहा कि यह पहली बार है जब सरकार खुद प्रदूषण जैसे गंभीर मुद्दे पर चर्चा करना चाहती है, लेकिन विपक्ष चर्चा से भाग गया। प्रदूषण पर चर्चा बेहद जरूरी है और जनता को यह जानने का अधिकार है कि विपक्ष इससे क्यों बच रहा है। इसके अलावा, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) परिसर में सोमवार की रात हुई नारेबाजी को लेकर भी मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा कि अगर हर मुद्दे पर इस तरह के विरोध प्रदर्शन होंगे, तो फिर बचेगा क्या? मंत्री ने आरोप लगाया कि ऐसे लोग देश, संविधान और कानून का सम्मान नहीं करते, अलगाववादी सोच रखते हैं और केवल देश को बांटने वाली बातें करते हैं।






