Delhi news: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बड़े ऑपरेशन में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) से जुड़े टेरर, जासूसी और हथियार तस्करी के मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए दिल्ली और पंजाब से 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से 9 सोलर पावर्ड CCTV कैमरे, 4 पिस्टल और 24 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। ये कैमरे संवेदनशील इलाकों के पास लगाए गए थे, जिन्हें अब हटवा दिया गया है।
ग्रेनेड अटैक की साजिश
जांच में सामने आया है कि यह पूरा नेटवर्क पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स के इशारे पर काम कर रहा था और भारत में ग्रेनेड हमलों की साजिश रच रहा था। गाजियाबाद में पहले पकड़े गए मॉड्यूल से मिले इनपुट के बाद स्पेशल सेल लगातार इस नेटवर्क पर नजर बनाए हुए थी, जिसके बाद इस बड़े ऑपरेशन को अंजाम दिया गया।
Delhi news: CCTV के जरिए जासूसी
आरोपी बेहद शातिर तरीके से खुद को सिविल विभाग का कर्मचारी बताकर सरकारी CCTV लगाने के नाम पर सोलर कैमरे इंस्टॉल करते थे। इन कैमरों में सिम कार्ड लगाकर उनकी लाइव फीड सीधे पाकिस्तान भेजी जाती थी, जिससे सुरक्षा एजेंसियों और डिफेंस मूवमेंट की जानकारी हासिल की जा सके।
Delhi news: पाकिस्तानी हैंडलर्स से संपर्क
पुलिस के मुताबिक, आरोपी एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए पाकिस्तान में बैठे आतंकी शहजाद भट्टी के संपर्क में थे और उसी के निर्देश पर काम कर रहे थे। स्पेशल सेल की दो अलग-अलग टीमों ने कार्रवाई करते हुए पहले ऑपरेशन में 6 और दूसरे ऑपरेशन में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इस दौरान कई मोबाइल फोन, गाड़ियां और मोटरसाइकिल भी जब्त की गई हैं।
युवाओं को बनाया निशाना
जांच में यह भी सामने आया है कि इस नेटवर्क में युवाओं और गरीब लोगों को पैसों का लालच देकर शामिल किया जाता था। उन्हें धीरे-धीरे रेडिकलाइज कर जासूसी, हथियार तस्करी और संवेदनशील इलाकों की रेकी जैसे कामों में लगाया जाता था। मास्टरमाइंड मनप्रीत सीधे पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में था और उसने हथियारों की सप्लाई व सिम कार्ड की व्यवस्था की थी।
जांच जारी
Delhi news: स्पेशल सेल के अनुसार, यह नेटवर्क पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर और राजस्थान के कई संवेदनशील इलाकों तक फैला हुआ था। सभी संदिग्ध स्थानों से CCTV कैमरे हटाए जा चुके हैं, लेकिन जांच अभी जारी है। पुलिस को शक है कि इस मॉड्यूल के और भी कनेक्शन सामने आ सकते हैं।
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