Digital Eye Strain: आज की जिंदगी में कंप्यूटर और मोबाइल का इस्तेमाल बहुत ज्यादा बढ़ गया है। सुबह उठते ही लोग सबसे पहले मोबाइल देखते हैं और रात को सोने से पहले भी स्क्रीन पर समय बिताते हैं। इस तरह दिनभर डिजिटल उपकरणों की रोशनी हमारी आंखों और दिमाग पर लगातार असर डालती रहती है।
लंबी स्क्रीन से बढ़ता आंखों का तनाव
लंबे समय तक स्क्रीन देखने से आंखों पर दबाव बढ़ने लगता है। धीरे-धीरे आंखों में थकान महसूस होने लगती है और सिर भी भारी लगने लगता है। इसका असर हमारी नींद और खाने की आदतों पर भी पड़ता है। अगर यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहे तो आंखों को गंभीर नुकसान भी हो सकता है।

डिजिटल दौर में शारीरिक थकान कम लेकिन मानसिक थकान ज्यादा होती है। इसकी बड़ी वजह हमारी खराब जीवनशैली और डिजिटल उपकरणों पर जरूरत से ज्यादा निर्भरता है। लगातार स्क्रीन देखने से अनावश्यक तनाव महसूस होने लगता है। इसके साथ ही आंखों में जलन, सिरदर्द, नींद न आना और चिड़चिड़ापन जैसी समस्याएं भी बढ़ जाती हैं। हालांकि आयुर्वेद में इन परेशानियों से राहत पाने के कई तरीके बताए गए हैं, जिनकी मदद से आंखों का तनाव कम किया जा सकता है।
Digital Eye Strain: पलकें झपकाएं, स्क्रीन से दूरी रखें
जब हम कंप्यूटर या मोबाइल पर काम करते हैं तो अक्सर पलकें झपकाना भूल जाते हैं। इससे आंखों में सूखापन और पानी आने की समस्या बढ़ जाती है। इसलिए काम करते समय बार-बार पलकें झपकाने की आदत डालनी चाहिए और लगातार स्क्रीन पर देखने से बचना चाहिए। ऐसा करने से आंखों को कम नुकसान होता है और तनाव भी घटता है।

आयुर्वेद के अनुसार रात के समय शरीर में कफ अधिक बढ़ता है और इस समय शरीर को आराम की जरूरत होती है। लेकिन अगर हम देर रात तक मोबाइल या अन्य स्क्रीन देखते रहते हैं तो इससे नींद पर बुरा असर पड़ता है। ऐसा करने से मस्तिष्क में नींद लाने वाला हार्मोन मेलाटोनिन कम बनने लगता है। आयुर्वेद की दृष्टि से यह कफ और पित्त के असंतुलन का कारण भी बन सकता है। इसलिए रात के समय स्क्रीन से दूरी बनाकर रखना बेहतर माना जाता है।
पाचन कमजोर तो आंखों पर असर
बहुत कम लोग जानते हैं कि आंखों का संबंध पाचन से भी होता है। यदि पाचन तंत्र कमजोर हो तो इसका असर आंखों की रोशनी पर भी पड़ सकता है, क्योंकि शरीर को जरूरी पोषण ठीक से नहीं मिल पाता। लगातार स्क्रीन देखने से मानसिक तनाव बढ़ता है, जिससे पाचन प्रक्रिया धीमी हो जाती है और भोजन ठीक से नहीं पचता। इसलिए पाचन तंत्र का ध्यान रखना भी आंखों की सेहत के लिए जरूरी है।

इसके अलावा आंखों की थकान कम करने के लिए कुछ घरेलू और आयुर्वेदिक उपाय भी किए जा सकते हैं। जैसे त्रिफला के पानी से आंखों को साफ करना, घी से नेत्रों को पोषण देना, नेत्र योग करना और ठंडे पानी से आंखें धोना। ये उपाय आंखों के तनाव को कम करने में मदद कर सकते हैं।
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