EVM Battery Controversy: ईवीएम में 99 प्रतिशत बैटरी होने के मुद्दे को लेकर उठे विवाद ने अब न्यायिक मोड़ ले लिया है। कांग्रेस नेता पीसी शर्मा ने आरोप लगाया है कि जिन मशीनों में काउंटिंग के समय 99% बैटरी पाई गई, वहां कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा।
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया है। इससे चुनावी पारदर्शिता और EVM की विश्वसनीयता पर एक बार फिर बहस तेज हो गई है।
99% बैटरी बना विवाद का केंद्र
पीसी शर्मा का दावा है कि मतदान के दौरान मॉक पोल और पूरे दिन इस्तेमाल के बाद भी कुछ ईवीएम में बैटरी 99% पाई गई, जो सामान्य नहीं है। उन्होंने इसे लेकर मशीनों में संभावित छेड़छाड़ की आशंका जताई है।
चुनाव आयोग से मांगी रिकॉर्डिंग
कांग्रेस नेता ने इस मुद्दे को लेकर चुनाव आयोग के सामने आपत्ति दर्ज कराई थी और काउंटिंग प्रक्रिया की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग मांगी थी। आरोप है कि आयोग ने रिकॉर्डिंग उपलब्ध नहीं कराई, जिससे संदेह और गहरा गया।
हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत
इससे पहले यह मामला हाईकोर्ट में भी उठाया गया था, लेकिन पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में याचिका खारिज कर दी गई थी। इसके बाद पीसी शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
कई सीटों पर उठाए सवाल
पीसी शर्मा का कहना है कि यह समस्या केवल एक सीट तक सीमित नहीं है। उनका आरोप है कि जिन जगहों पर ईवीएम में 99% बैटरी थी, वहां चुनाव परिणाम संदिग्ध रहे और कांग्रेस को हार मिली। उन्होंने लोकसभा चुनाव के दौरान भी भोपाल सीट पर इसी तरह की स्थिति का हवाला दिया।
सुप्रीम कोर्ट की नोटिस से बढ़ी हलचल
सुप्रीम कोर्ट द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद राजनीतिक और चुनावी हलकों में हलचल तेज हो गई है। आने वाली सुनवाई को बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि इससे चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर बड़ा असर पड़ सकता है।
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