Falsa Fruit ke fayde: गर्मी का मौसम शुरू होते ही शरीर को ठंडक और ऊर्जा देने वाले फलों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे मौसम में खट्टा-मीठा स्वाद वाला फालसा सेहत के लिए किसी वरदान से कम नहीं माना जाता। यह छोटा सा फल न सिर्फ शरीर को ठंडक देता है, बल्कि पाचन तंत्र को मजबूत करने, दिल की सेहत सुधारने और इम्युनिटी बढ़ाने में भी मदद करता है।
फालसा का वैज्ञानिक नाम ग्रेविया एशियाटिका (Grewia asiatica) है। यह फल भारत के पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान जैसे शुष्क और अर्द्ध-शुष्क क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर उगाया जाता है और गर्मियों में बाजारों में खूब देखने को मिलता है।
पोषक तत्वों से भरपूर
अमेरिकी नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (NIH) की नेशनल लाइब्रेरी ऑफ साइंस के अनुसार फालसा में कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसमें विटामिन-A, विटामिन-C, कैल्शियम, फॉस्फोरस, आयरन और फाइबर भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं। इसके अलावा इसमें मैग्नीशियम, पोटेशियम, सोडियम और थोड़ी मात्रा में प्रोटीन भी पाया जाता है, जबकि कैलोरी और फैट काफी कम होते हैं। यही कारण है कि इसे एक अच्छा इम्युनिटी बूस्टर माना जाता है।
Falsa Fruit ke fayde: लू से बचाव और शरीर को ठंडक
गर्मियों में फालसा का सेवन शरीर को अंदर से ठंडक देता है और लू लगने के खतरे को कम करता है। इसका शरबत या रस पीने से शरीर में ऊर्जा बनी रहती है और पसीने के कारण होने वाली कमजोरी भी दूर होती है। कई लोग इसे प्राकृतिक टॉनिक के रूप में भी इस्तेमाल करते हैं।
Falsa Fruit ke fayde: दिल और पाचन के लिए फायदेमंद
आयुर्वेद के अनुसार फालसा पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में मदद करता है। यह कब्ज और दस्त दोनों को नियंत्रित करने में सहायक माना जाता है। इसके साथ ही हाई ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और पित्त संबंधी समस्याओं में भी लाभकारी माना जाता है। एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होने के कारण यह दिल की सेहत को बेहतर बनाए रखने में भी मदद करता है।
एनीमिया और त्वचा समस्याओं में राहत
पके हुए फालसे का सेवन खून की कमी यानी एनीमिया में भी फायदेमंद माना जाता है। यह त्वचा की जलन, पेट की जलन और गर्मी से होने वाली कई परेशानियों में राहत देने में मदद करता है।
ऐसे करें सेवन
फालसा को ताजा फल के रूप में खाया जा सकता है। इसके अलावा इसका जूस या शरबत बनाया जा सकता है और इसे चाट या सलाद में भी मिलाकर खाया जाता है। हालांकि कुछ लोगों को ज्यादा मात्रा में खाने से एलर्जी या पेट से जुड़ी हल्की परेशानी हो सकती है, इसलिए सीमित मात्रा में सेवन करने की सलाह दी जाती है। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर या पोषण विशेषज्ञ से सलाह लेना भी बेहतर रहता है।
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