Gandhraj ke fayde: घरों की सजावट और प्राकृतिक सुगंध के लिए लगाए जाने वाले पौधों में इन दिनों गंधराज की मांग तेजी से बढ़ी है। सफेद रंग का यह सुगंधित फूल दिखने में गुलाब जैसा प्रतीत होता है और छोटे, घने पौधे के रूप में आसानी से घरों में लगाया जा सकता है। आयुर्वेद में गंधराज को त्रिदोष वात, पित्त और कफ को संतुलित करने वाला माना गया है। इसके फूल न केवल वातावरण को महकाते हैं, बल्कि स्वास्थ्य संबंधी अनेक लाभ भी प्रदान करते हैं।
त्वचा संबंधी समस्याओं में लाभकारी
गंधराज में जीवाणुरोधी और सूजनरोधी गुण पाए जाते हैं। पारंपरिक उपयोग के अनुसार इसके फूलों का अर्क त्वचा संक्रमण, कील-मुंहासे और छोटे घावों में लाभ पहुंचा सकता है। त्वचा पर सूजन या जलन होने पर भी इसका उपयोग किया जाता रहा है।
Gandhraj ke fayde: सिरदर्द और मानसिक तनाव में सहायक
गंधराज का तेल सुगंध चिकित्सा में प्रयोग किया जाता है। माना जाता है कि इसकी सुगंध माइग्रेन जैसे सिरदर्द में राहत देने और मानसिक तनाव कम करने में सहायक हो सकती है। यह मन को शांत करने और नींद की गुणवत्ता बेहतर करने में भी उपयोगी माना जाता है।
Gandhraj ke fayde: पाचन तंत्र के लिए उपयोगी
पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में गंधराज के फूल और पत्तियों का उपयोग कब्ज, पेट की गड़बड़ी और आंतों के संक्रमण से बचाव के लिए किया जाता रहा है। हालांकि किसी भी प्रकार के सेवन से पहले चिकित्सकीय परामर्श लेना आवश्यक है। विशेषज्ञों का कहना है कि गर्भवती महिलाओं और बच्चों को बिना चिकित्सक की सलाह के इसका सेवन नहीं करना चाहिए।
यह भी पढे़ : Healthy Habits: गुनगुना पानी, योग और संतुलित भोजन, सेहत के आसान मंत्र






