Ganga: उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित हर की पौड़ी पर गंगा की धारा थमने से श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गंगा स्नान और आचमन की इच्छा लेकर घाटों पर पहुंच रहे लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है। घाटों पर पानी कम होने के कारण कई जगह गाद और गंदगी भी दिखाई दे रही है। सवाल यह है कि आखिर हर की पौड़ी पर गंगा का पानी क्यों रोका गया है और श्रद्धालुओं को दोबारा स्नान के लिए कब तक इंतजार करना पड़ेगा?
हर की पौड़ी पर क्यों थमी गंगा की धारा?
हरिद्वार में हर की पौड़ी पर पानी कम होने की मुख्य वजह ऊपरी गंग नहर का बंद होना है। नहर में वार्षिक सफाई और मरम्मत का काम किया जा रहा है। इसके लिए 20 अक्टूबर 2026 की मध्यरात्रि से जल प्रवाह रोक दिया गया। चूंकि हर की पौड़ी पर गंगा की धारा इसी नहर के जल प्रवाह से जुड़ी है, इसलिए यहां पानी का स्तर काफी नीचे चला गया है।
Ganga: हर साल क्यों बंद की जाती है गंग नहर?
ऊपरी गंग नहर की सफाई और मरम्मत एक नियमित प्रक्रिया है। नहर में जमा गाद हटाने, जल प्रवाह व्यवस्था दुरुस्त करने और आवश्यक मरम्मत के लिए इसे अस्थायी रूप से बंद किया जाता है। इस दौरान नहर और उससे जुड़े घाटों पर रखरखाव का काम किया जाता है। इस साल भी इसी प्रक्रिया के तहत नहर को बंद किया गया है।
सफाई के साथ अर्धकुंभ की तैयारियां भी
इस बार नहर बंद रहने की अवधि में मरम्मत और सफाई के अलावा घाटों के विकास और सौंदर्यीकरण से जुड़े काम भी किए जा रहे हैं। हरिद्वार में वर्ष 2027 में प्रस्तावित अर्धकुंभ को देखते हुए विभिन्न घाटों पर जरूरी निर्माण और सुधार कार्यों को आगे बढ़ाने की योजना है। नहर में पानी नहीं रहने से इन कार्यों को पूरा करने में सुविधा मिलती है।
Ganga: श्रद्धालुओं को किन परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है?
हर की पौड़ी पर गंगा स्नान के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को निराशा हो रही है। पानी का स्तर कम होने से कई लोग परंपरागत तरीके से डुबकी नहीं लगा पा रहे हैं। कुछ श्रद्धालुओं को आचमन के लिए भी पर्याप्त जल नहीं मिल रहा है। गंगा स्नान की योजना बनाकर आए लोगों को परिस्थितियों के अनुसार अपनी धार्मिक गतिविधियों में बदलाव करना पड़ रहा है।
घाटों पर गंदगी और गाद क्यों दिख रही है?
जल प्रवाह रुकने के बाद घाटों पर जमा गाद और पहले से मौजूद कचरा अधिक स्पष्ट दिखाई देने लगता है। नहर की सफाई और मरम्मत के दौरान इन हिस्सों की स्थिति का आकलन करना तथा आवश्यक रखरखाव करना भी महत्वपूर्ण होता है। घाटों पर पानी कम होने के कारण उनकी सामान्य स्थिति बदल गई है। इससे हर की पौड़ी की तस्वीर भी अलग दिखाई दे रही है।
Ganga: हर की पौड़ी पर पानी कब लौटेगा?
जानकारी के मुताबिक, ऊपरी गंग नहर को 7 नवंबर 2026 की मध्यरात्रि में दोबारा चालू किए जाने का कार्यक्रम है। इसके बाद जल प्रवाह बहाल होने पर हर की पौड़ी समेत संबंधित घाटों पर पानी लौटने की उम्मीद है। हालांकि, पानी का स्तर सामान्य होने में स्थानीय परिस्थितियों और जल प्रवाह व्यवस्था की भूमिका रहेगी। श्रद्धालुओं को हरिद्वार जाने से पहले प्रशासन की ओर से जारी ताजा जानकारी देखनी चाहिए।
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