Gautam adani: न्यूयॉर्क, सात अप्रैल (भाषा) उद्योगपति गौतम अदाणी और उनके भतीजे सागर अदाणी ने अमेरिकी अदालत से प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग (एसईसी) की तरफ से दायर प्रतिभूति धोखाधड़ी मुकदमे को खारिज करने का अनुरोध किया है।
क्षेत्राधिकार पर सवाल और कानूनी दलील
अदाणी परिवार के वकीलों की तरफ से दलील दी गई है कि यह मामला अमेरिकी क्षेत्राधिकार से बाहर है और इसमें किसी भी तरह का गलत कार्य सिद्ध नहीं होता है। वकीलों ने आवेदन करने से पहले अमेरिकी अदालत को भेजे गए पत्र में कहा है कि 2021 में अदाणी समूह की नवीकरणीय ऊर्जा इकाई अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एजीईएल) द्वारा जारी 7.5 करोड़ डॉलर के बॉन्ड बिक्री के संदर्भ में एसईसी के दावे कई कानूनी आधारों पर दोषपूर्ण हैं।
Gautam adani: मुकदमे के आरोप और पृष्ठभूमि
यह मुकदमा नवंबर, 2024 में दायर किया गया था। इसमें आरोप लगाया गया था कि एजीईएल की तरफ से जारी बॉन्ड के निवेशकों को कथित तौर पर रिश्वत देने की योजना से अवगत नहीं कराया गया था।
Gautam adani: अमेरिका से संबंध पर अदाणी पक्ष की दलील
अदाणी पक्ष ने अदालत को बताया कि न तो गौतम अदाणी और न ही सागर अदाणी का अमेरिका के साथ पर्याप्त संपर्क था और न ही वे बॉन्ड पेशकश में प्रत्यक्ष रूप से शामिल थे। बॉन्ड का लेन-देन अमेरिका के बाहर हुआ था और 2024 में यह पूरी तरह चुकता हो गया।
एसईसी के दावों पर प्रतिक्रिया और अपील
Gautam adani: वकीलों ने ईएसजी, भ्रष्टाचार-रोधी, और कॉरपोरेट प्रतिष्ठा के बारे में अमेरिकी बाजार नियामक के बयानों को केवल सामान्य कॉरपोरेट प्रचार बताते हुए कहा कि इन पर निवेशक भरोसा नहीं कर सकते। अदाणी पक्ष ने अमेरिकी अदालत से मुकदमे को पूरी तरह खारिज करने की अपील की है और आवेदन-पूर्व सुनवाई में उपस्थित होने के लिए तैयार रहने की भी बात कही।
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