Ghushkhor Pandit Film: सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ से जुड़े विवाद को सुलझा दिया है। अदालत ने आदेश दिया कि अब इस फिल्म से संबंधित कोई नई FIR दर्ज नहीं होगी और न ही किसी नई याचिका पर सुनवाई होगी। गुरुवार को हुई सुनवाई में कोर्ट ने फिल्म मेकर्स को बड़ी राहत दी और स्पष्ट निर्देश दिए कि इस फिल्म के कारण पैदा हुए विवाद को अब समाप्त माना जाएगा।

फिल्म मेकर्स ने कोर्ट में हलफनामा दिया
फिल्म मेकर्स ने कोर्ट में हलफनामा दायर किया है। इसमें कहा गया कि फिल्म का उद्देश्य किसी धर्म, जाति या समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था। यह फिल्म एक काल्पनिक पुलिस ड्रामा है, जिसमें एक अपराध की जांच दिखाई गई है। फिल्म में किसी भी जाति, धर्म, समुदाय या संप्रदाय को भ्रष्ट या नीचा नहीं दिखाया गया है।

हलफनामे में यह भी बताया गया कि फिल्म का पुराना नाम ‘घूसखोर पंडत’ वापस ले लिया गया है और अभी नया नाम तय नहीं हुआ है। साथ ही फिल्म के सभी पोस्टर, ट्रेलर और प्रचार सामग्री को वापस ले लिया गया है।
Ghushkhor Pandit Film: सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म मेकर्स को फटकार लगाई
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने मामले पर सुनवाई करते हुए फिल्म मेकर्स को कड़ी फटकार लगाई थी। कोर्ट ने कहा था कि अभिव्यक्ति की आजादी का मतलब यह नहीं कि किसी वर्ग को नीचा दिखाया जाए। इसी आदेश के बाद अभिनेता मनोज बाजपेयी की फिल्म के पोस्टर और प्रचार सामग्री तुरंत हटा दिए गए थे।
विवाद के बाद फिल्म स्टार्स और मेकर्स ने सोशल मीडिया पर सफाई भी दी। अभिनेता मनोज बाजपेयी ने कहा कि उनका मकसद केवल मनोरंजन करना है और किसी की भावनाओं को ठेस पहुँचाना नहीं। उन्होंने सभी से माफी मांगी और यह भी बताया कि फिल्म का शीर्षक बदला जा चुका है।
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