MP सरकार ने राज्य के कर्मचारियों और पेंशनर्स को बड़ी राहत देते हुए महंगाई भत्ता (DA) में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी का फैसला किया है। इस निर्णय से करीब 12 लाख लोगों को सीधा फायदा मिलेगा। इसमें लगभग 7.50 लाख कर्मचारी और अधिकारी तथा करीब 4.50 लाख पेंशनर्स शामिल हैं। बढ़े हुए महंगाई भत्ते के लागू होने के बाद कर्मचारियों की सैलरी में हर महीने अच्छी-खासी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। भत्ते में बढ़ोतरी के बाद राज्य के कर्मचारियों को अब 58 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलेगा।
इससे पहले उन्हें 55 प्रतिशत डीए मिल रहा था। केंद्र सरकार पहले से ही अपने कर्मचारियों को 58 प्रतिशत डीए दे रही है, ऐसे में लंबे समय से राज्य कर्मचारियों की मांग थी कि उन्हें भी समान दर से महंगाई भत्ता दिया जाए। सरकार के इस फैसले से यह मांग काफी हद तक पूरी हो गई है।
MP कर्मचारियों के लिए खुशखबरी
महंगाई भत्ता बढ़ने से कर्मचारियों की मासिक आय में भी इजाफा होगा। अनुमान के मुताबिक कर्मचारियों की सैलरी में हर महीने लगभग 465 रुपये से लेकर 4,230 रुपये तक की बढ़ोतरी हो सकती है। इसके अलावा उन्हें एरियर के रूप में भी अच्छी राशि मिलेगी। अलग-अलग वेतनमान के हिसाब से कर्मचारियों को लगभग 4,185 रुपये से लेकर 38,070 रुपये तक एरियर मिलने का अनुमान है। सरकार ने एरियर की राशि एकमुश्त देने के बजाय किस्तों में भुगतान करने का फैसला किया है। यह राशि छह समान किस्तों में दी जाएगी और इसकी शुरुआत मई महीने से होगी।
योजना के मुताबिक, नवंबर 2026 तक सभी किस्तों का भुगतान पूरा कर दिया जाएगा। इससे कर्मचारियों को धीरे-धीरे आर्थिक लाभ मिलता रहेगा और सरकार पर भी अचानक ज्यादा वित्तीय दबाव नहीं पड़ेगा।
अप्रैल के वेतन के साथ मिलेगा बढ़ा हुआ DA
राज्य सरकार ने बढ़े हुए महंगाई भत्ते को अप्रैल के वेतन से लागू करने का निर्णय लिया है। यानी कर्मचारियों को अप्रैल महीने की सैलरी में बढ़े हुए डीए का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। हालांकि इसका पूरा फायदा तभी मिल पाएगा जब वित्त विभाग इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी करेगा। मुख्यमंत्री की घोषणा को लगभग 15 दिन से अधिक समय हो चुका है, लेकिन अभी तक वित्त विभाग ने आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया है। इसी कारण कर्मचारी और अधिकारी बढ़े हुए डीए के लागू होने का इंतजार कर रहे हैं। वित्त विभाग को सातवें वेतनमान के साथ-साथ छठवें और पांचवें वेतनमान से जुड़े कर्मचारियों के लिए भी अलग-अलग आदेश जारी करने हैं।
पेंशनर्स को एरियर में नुकसान की आशंका
इस फैसले में पेंशनर्स को कुछ हद तक नुकसान उठाना पड़ सकता है। सरकार ने उनके लिए एरियर की गणना जुलाई 2025 के बजाय 1 जनवरी 2026 से करने का निर्णय लिया है। कर्मचारी संगठनों ने इस पर आपत्ति जताई है और मांग की है कि पेंशनर्स को भी कर्मचारियों की तरह पूरा बकाया एरियर दिया जाए। महंगाई भत्ता बढ़ाने की घोषणा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 2 मार्च को की थी। उन्होंने कहा था कि राज्य सरकार कर्मचारियों और पेंशनर्स को राहत देने के लिए यह कदम उठा रही है। अब सबकी नजरें वित्त विभाग के आदेश पर टिकी हुई हैं, क्योंकि उसी के बाद कर्मचारियों को बढ़े हुए महंगाई भत्ते और एरियर का वास्तविक लाभ मिलना शुरू होगा।
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