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दिल्ली-NCR में GRAP-1 लागू, जानें किन चीजों पर रहेगी पाबंदी

GRAP-1 Delhi NCR:

GRAP-1 Delhi NCR: दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण बढ़ने के साथ ही वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के पहले चरण यानी GRAP-1 के उपाय लागू कर दिए हैं। दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) खराब श्रेणी में पहुंचने के बाद यह फैसला लिया गया है। इसके तहत प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए कई तरह की पाबंदियां लगाई गई हैं।

GRAP-1 Delhi NCR: दिल्ली का AQI बढ़कर 244 पहुंचा-

CAQM के मुताबिक, 20 अक्टूबर को दिल्ली का AQI 179 दर्ज किया गया था। वहीं, 21 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे तक यह बढ़कर 244 हो गया। AQI के खराब श्रेणी में पहुंचने के बाद आयोग ने दिल्ली-NCR में GRAP-1 के तहत उपाय लागू करने का फैसला लिया। आयोग ने बताया कि भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रॉपिकल मीटियोरोलॉजी के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में भी दिल्ली की हवा की गुणवत्ता खराब श्रेणी में बनी रह सकती है।

GRAP-1 Delhi NCR: GRAP-1 के तहत किन चीजों पर रहेगी पाबंदी-

GRAP-1 लागू होने के बाद प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए कई उपाय किए जाएंगे। इसके तहत प्रमुख पाबंदियां इस प्रकार हैं:

– तंदूर में कोयले और लकड़ी के इस्तेमाल पर रोक: होटल, रेस्टोरेंट और खुले में खाने-पीने की जगहों पर तंदूर में ईंधन के रूप में कोयले और लकड़ी के इस्तेमाल पर पाबंदी रहेगी।

– डीजल जनरेटर के इस्तेमाल पर प्रतिबंध: डीजल जनरेटर का इस्तेमाल केवल आपातकालीन या बेहद जरूरी परिस्थितियों में ही किया जा सकेगा।

इन उपायों का उद्देश्य प्रदूषण के स्तर को बढ़ने से रोकना और हवा की गुणवत्ता में सुधार करना है।

कब लागू होता है GRAP का कौन-सा चरण-

दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण की गंभीरता के आधार पर GRAP के अलग-अलग चरण लागू किए जाते हैं। हर चरण में प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त कदम उठाए जाते हैं।

GRAP-1: AQI 201 से 300 के बीच होने पर लागू किया जाता है।

GRAP-2: AQI 301 से 400 के बीच पहुंचने पर लागू होता है।

GRAP-3: AQI 401 से 450 के बीच होने पर लागू किया जाता है।

GRAP-4: AQI 450 से ऊपर पहुंचने पर लागू किया जाता है।

दिवाली के आसपास क्यों बढ़ता है प्रदूषण-

दिवाली के आसपास दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण बढ़ने की समस्या सामने आती है। पराली जलाने, वाहनों से निकलने वाले धुएं और अन्य प्रदूषणकारी गतिविधियों के कारण हवा की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। प्रदूषण बढ़ने से लोगों को सांस लेने में परेशानी और आंखों में जलन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में GRAP के तहत अलग-अलग चरणों में उपाय लागू करके प्रदूषण को नियंत्रित करने की कोशिश की जाती है। फिलहाल दिल्ली-NCR में GRAP-1 लागू किया गया है।

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