Gyanesh Kumar: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर एकतरफा और गैर-सहमति वाले फैसले लेने, फॉर्म-6 में नियमों के खिलाफ जाकर गैरकानूनी एवं अनधिकृत बदलाव करने, ECINET का दुरुपयोग करने और मतदान प्रक्रिया में हेरफेर और वोट चोरी करने के आरोप हैं। लेकिन इसी बीच, एक ट्विटर वीडियो में एक लड़की ने ज्ञानेश कुमार के पक्ष में कहा है कि ज्ञानेश कुमार कोई राजनेता नहीं हैं। अनपढ़ों को बस यही पता है कि ज्ञानेश कुमार पर ये सारे आरोप हैं, लेकिन पढ़े-लिखे लोगों को पता है कि ज्ञानेश कुमार कोई राजनेता नहीं हैं। वह केरल कैडर के IAS अधिकारी भी रह चुके हैं। आगे वह लड़की कहती है कि जब ज्ञानेश कुमार को इस पद पर लाया जाता है, यानी ज्ञानेश कुमार जैसे लोगों को पदवी दी जाती है, तो उनके सामने विपक्ष भी बैठता है। ये बातें उन लोगों को समझ आएँगी जो पढ़े-लिखे हैं, लेकिन जो पढ़े-लिखे नहीं हैं, उन्हें ये बातें समझ नहीं आएँगी।
Gyanesh Kumar: मृतक की आईडी का इस्तेमाल करना वोट चोरी है-
“ज्ञानेश कुमार, कोई राजनेता नहीं, एक IAS अधिकारी हैं, और जब चुनाव आयोग के अधिकारी की नियुक्ति होती है तो नेता प्रतिपक्ष भी मौजूद होते हैं…”
SIR के विरोधियों, एक बार इस लड़की की बात सुन लो!
— BJP (@BJP4India) October 19, 2026
SIR का विरोध करने वाले लोगों की इस लड़की ने बोलती बंद कर दी है। लड़की ने बताया कि वोट चोरी किसे कहते हैं। लड़की के अनुसार, अगर आप किसी स्थान से कहीं और रहने लगे हैं और पहले वाले स्थान पर अपनी मौजूदगी जताकर दोनों जगहों से वोट दे रहे हैं, तो इसे वोट चोरी कहते हैं। किसी मृतक की वोटर आईडी का इस्तेमाल करके आप वोट डाल रहे हैं, तो यह वोट चोरी है।
Gyanesh Kumar: कौन हैं ज्ञानेश कुमार-
ज्ञानेश कुमार भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त हैं। उन्होंने 19 फरवरी 2025 को देश के 26वें मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में पदभार संभाला था। इससे पहले वह 15 मार्च 2024 को चुनाव आयुक्त नियुक्त किए गए थे। ज्ञानेश कुमार भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारी रहे हैं और उन्होंने केंद्र तथा केरल सरकार में कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है। प्रशासनिक सेवा में उनका अनुभव रक्षा मंत्रालय, गृह मंत्रालय, संसदीय कार्य मंत्रालय और सहकारिता मंत्रालय तक फैला हुआ है।
1988 बैच के IAS अधिकारी रहे हैं ज्ञानेश कुमार-
ज्ञानेश कुमार 1988 बैच के केरल कैडर के IAS अधिकारी रहे हैं। उन्होंने कानपुर स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) से सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक की पढ़ाई की। इसके अलावा, उन्होंने भारत में ICFAI से बिजनेस फाइनेंस और अमेरिका के हार्वर्ड विश्वविद्यालय के हार्वर्ड इंस्टीट्यूट फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट (HIID) से पर्यावरण अर्थशास्त्र का अध्ययन भी किया। IIT कानपुर की आधिकारिक प्रोफाइल के अनुसार, वह संस्थान के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के पूर्व छात्र हैं।
IAS अधिकारी के रूप में अपने करियर की शुरुआत के बाद ज्ञानेश कुमार ने केरल में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ संभालीं। वह अदूर में सब-कलेक्टर, कोचीन नगर निगम में नगर आयुक्त और एर्नाकुलम के जिला कलेक्टर के पद पर काम कर चुके हैं। इसके अलावा, उन्होंने केरल राज्य सहकारी बैंक के प्रबंध निदेशक और गोश्री आइलैंड्स डेवलपमेंट अथॉरिटी के सचिव के रूप में भी सेवाएँ दीं। केरल सरकार में सचिव रहते हुए उन्होंने वित्त संसाधन, लोक निर्माण विभाग और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति जैसे विभागों की जिम्मेदारियाँ संभालीं।
बाद में ज्ञानेश कुमार ने केंद्र सरकार में भी कई अहम पदों पर काम किया। वह रक्षा मंत्रालय में संयुक्त सचिव, गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव एवं अतिरिक्त सचिव और संसदीय कार्य मंत्रालय में सचिव रहे। इसके बाद उन्होंने सहकारिता मंत्रालय के सचिव के रूप में भी जिम्मेदारी निभाई। 31 जनवरी 2024 को सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त होने के बाद उन्हें 15 मार्च 2024 को चुनाव आयुक्त नियुक्त किया गया। इसके बाद 19 फरवरी 2025 को उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में पदभार संभाला।
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