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क्या आप जानते हैं? भारत में भी मौजूद है एक सक्रिय ज्वालामुखी

दुनिया के अलग-अलग देशों से अक्सर ज्वालामुखी फटने की खबरें आती रहती हैं, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि भारत में भी एक एक्टिव ज्वालामुखी मौजूद है। श्री विजयपुरम से बैरन द्वीप की दूरी समुद्री मार्ग से लगभग 140 किलोमीटर है, यह द्वीप भारतीय और बर्मी टेक्टोनिक प्लेटों के संगम पर स्थित है।

Indian volcano: दुनिया के अलग-अलग देशों से अक्सर ज्वालामुखी फटने की खबरें आती रहती हैं, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि भारत में भी एक एक्टिव ज्वालामुखी मौजूद है। भारत का यह इकलौता सक्रिय ज्वालामुखी अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के बैरन द्वीप पर स्थित है। अब खास बात यह है कि लोग इस ज्वालामुखी को अपनी आंखों से देख भी सकेंगे। अंडमान प्रशासन इसके लिए एक खास क्रूज यात्रा की योजना लेकर आया है।

कैसे कर सकेंगे बैरन द्वीप के ज्वालामुखी की यात्रा?

अंडमान और निकोबार प्रशासन नए साल की पूर्व संध्या पर एक विशेष क्रूज यात्रा का आयोजन करने जा रहा है। इस क्रूज के जरिए यात्री भारत के एकमात्र सक्रिय ज्वालामुखी की झलक देख सकेंगे। यह क्रूज 31 दिसंबर की रात 9 बजे श्री विजयपुरम (पूर्व में पोर्ट ब्लेयर) के हद्दो घाट से रवाना होगी और 1 जनवरी को दोपहर 2 बजे वापस लौटेगी। इस यात्रा के दौरान यात्रियों को रोमांच, प्राकृतिक सुंदरता और नए साल के जश्न का खास अनुभव मिलेगा। न्यू ईयर सेलिब्रेशन के तहत एमवी स्वराज द्वीप पर स्वादिष्ट भोजन, म्यूजिक और अन्य मनोरंजक गतिविधियों का भी आयोजन किया जाएगा।

Indian volcano: यात्रा के लिए कितनी फीस देनी होगी?

अधिकारियों के अनुसार, यात्रियों को उनकी सुविधा और बजट के हिसाब से अलग-अलग ट्रैवल कैटेगरी का विकल्प मिलेगा। पूरी यात्रा के दौरान खाने-पीने की व्यवस्था भी शामिल रहेगी। इस क्रूज का संचालन पोत परिवहन सेवा निदेशालय (DSS) करेगा। टिकट की बुकिंग DSS की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से की जा सकेगी। टिकट की कीमत: ₹3,180 से शुरू होकर ₹8,310 प्रति व्यक्ति तक।

बैरन द्वीप के ज्वालामुखी से जुड़ी अहम जानकारी

Indian volcano: श्री विजयपुरम से बैरन द्वीप की दूरी समुद्री मार्ग से लगभग 140 किलोमीटर है, यह द्वीप भारतीय और बर्मी टेक्टोनिक प्लेटों के संगम पर स्थित है। बैरन द्वीप का कुल क्षेत्रफल 8.34 वर्ग किलोमीटर है, यहां पहला ज्वालामुखी विस्फोट 1787 में दर्ज किया गया था। इसके बाद 1991, 2005, 2017, 2022 और 2025 में सितंबर और नवंबर के दौरान हल्के विस्फोट देखे गए हैं। 

 

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