Iran crisis: ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव के बीच अब बयानबाज़ी और तेज हो गई है। ईरानी सेना प्रमुख अमीर हातामी ने साफ चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर अमेरिकी सेना ईरान की जमीन पर उतरती है, तो हमलावरों में से कोई भी ज़िंदा वापस नहीं जाएगा। सरकारी टीवी पर दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि ईरान युद्ध नहीं चाहता, लेकिन अपनी सुरक्षा से समझौता भी नहीं करेगा।
हथियारों का गुप्त जाल, ईरान का दावा
ईरानी सेना के प्रवक्ता ने डोनाल्ड ट्रंप के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि तेहरान के पास हथियारों और गोला-बारूद का बड़ा और छिपा हुआ भंडार है। ‘खातम अल-अंबिया’ मुख्यालय के प्रवक्ता इब्राहिम ज़ोल्फागरी के मुताबिक, जिन ठिकानों को दुश्मन निशाना बना रहा है, वो असली सैन्य ठिकाने नहीं हैं। असली उत्पादन और तैयारी ऐसे स्थानों पर हो रही है, जहां तक दुश्मन पहुंच भी नहीं सकता।
Iran crisis: अमेरिका-इजरायल के हमले जारी
इस बीच इजरायल और अमेरिका की ओर से ईरान और उसके सहयोगियों पर हमले लगातार जारी हैं। अब तक हजारों टारगेट्स को निशाना बनाया जा चुका है, जिनमें मिसाइल लॉन्चर, सैन्य ठिकाने और अन्य अहम जगहें शामिल हैं। हालांकि, ईरान की ओर से मिसाइल हमले कुछ कम हुए हैं, लेकिन उसकी जवाबी कार्रवाई की क्षमता अभी भी बनी हुई है।
Iran crisis: पूर्व विदेश मंत्री कमाल खराजी घायल
इसी बीच एक बड़े हमले में ईरान के पूर्व विदेश मंत्री कमाल खराजी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस हमले में उनकी पत्नी की मौत हो गई। यह साफ नहीं है कि हमला सीधे उन्हें निशाना बनाकर किया गया था या वे किसी अन्य टारगेट के करीब थे। खराजी ने पहले भी संकेत दिए थे कि ईरान परमाणु हथियार बनाने की दिशा में जा सकता है। हाल ही में एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि अब कूटनीति की गुंजाइश कम होती जा रही है और अमेरिका पर भरोसा करना मुश्किल है।
कुल मिलाकर
Iran crisis: ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। जहां एक तरफ जंग के मैदान में हमले जारी हैं, वहीं दूसरी तरफ नेताओं के तीखे बयान इस संघर्ष को और खतरनाक दिशा में ले जा रहे हैं।
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