Iran crisis: इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच युद्धविराम की कोशिशों को बड़ा झटका लगा है। Donald Trump का संदेश लेकर पहुंचे पाकिस्तान को तेहरान ने साफ तौर पर मना कर दिया। ईरान ने न सिर्फ ट्रंप की शर्तों को खारिज किया, बल्कि पाकिस्तान की मध्यस्थता को भी स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। इसी बीच मिडिल ईस्ट में संघर्ष और तेज हो गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में ईरान ने अमेरिका के कई सैन्य संसाधनों को निशाना बनाया है, जिसमें फाइटर जेट और हेलीकॉप्टर शामिल हैं। इससे अमेरिका को बड़ा झटका लगा है और हालात और गंभीर हो गए हैं।
मुनीर और शहबाज की साख पर असर
पाकिस्तान के आर्मी चीफ Asim Munir और प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif के लिए यह स्थिति काफी मुश्किल बनती जा रही है। पाकिस्तान ने पहले अमेरिका को भरोसा दिलाया था कि वह ईरान के साथ बातचीत करवाने में सफल रहेगा, लेकिन अब उसकी कोशिशें नाकाम होती दिख रही हैं।
Iran crisis: इज्जत बचाने की कोशिश में पाकिस्तान
ईरान के इनकार के बाद पाकिस्तान अब अपनी छवि बचाने में जुट गया है। पाक विदेश मंत्रालय ने उन रिपोर्ट्स को खारिज कर दिया है, जिनमें कहा गया था कि ईरान ने शुरुआती दौर में ही बातचीत से मना कर दिया। पाकिस्तान का कहना है कि ये खबरें “बेबुनियाद” हैं।
Iran crisis: डॉन की रिपोर्ट से बढ़ी हलचल
पाकिस्तान के प्रमुख अखबार Dawn ने भी दावा किया था कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की कोशिशें धीमी पड़ गई हैं। रिपोर्ट में कहा गया कि संदेशों का आदान-प्रदान तो हुआ, लेकिन ईरान की तरफ से कोई सकारात्मक संकेत नहीं मिला।
तेहरान नहीं दे रहा जवाब
Iran crisis: बताया जा रहा है कि पाकिस्तान की कोशिशों के बावजूद तेहरान की ओर से कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं मिल रही है। इसके बाद भी पाकिस्तान के नेता ईरानी राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian और विदेश मंत्री Abbas Araghchi से संपर्क बनाए हुए हैं। फिलहाल, पाकिस्तान इस पूरे संघर्ष से खुद को दूर रखने में सफल रहा है, लेकिन उसकी मध्यस्थता की कोशिशें पूरी तरह फेल होती नजर आ रही हैं।
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