Iran crisis: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच अमेरिका ने एक साहसी कदम उठाते हुए अपने पायलट को ईरानी सरजमीं से सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। यह मिशन अमेरिकी स्पेशल कमांडो की ओर से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर अंजाम दिया गया।
‘सिर्फ सैन्य जीत नहीं, आजाद समाज की जीत’
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस ऑपरेशन की सफलता पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ सैन्य सफलता नहीं, बल्कि अंधकार और आतंक की ताकतों के खिलाफ आजाद समाज की बड़ी जीत है। नेतन्याहू ने कहा, “मैं मित्र डोनाल्ड ट्रंप को अमेरिका के बहादुर योद्धाओं द्वारा साहसी अमेरिकी पायलट को बचाए जाने पर बधाई देता हूं। सभी इजरायली इस शानदार ऑपरेशन से खुश हैं।”
Iran crisis: दिवंगत भाई का जिक्र कर दी भावनात्मक जुड़ाव
नेतन्याहू ने अपने दिवंगत भाई योनातन नेतन्याहू का भी जिक्र किया, जिन्होंने 1976 के एंटेबे बचाव अभियान में अपनी जान दी थी। उन्होंने कहा कि ऐसे अनुभव से पता चलता है कि दुश्मन के इलाके में जाकर अपने सैनिक को बचाना कितना कठिन और साहसी निर्णय होता है। उन्होंने ट्रंप की नेतृत्व क्षमता की भी सराहना की और कहा, “एक बार फिर आपके नेतृत्व ने अमेरिका को बड़ी जीत दिलाई है। मैं आपको सलाम करता हूं।”
रक्षा मंत्री और इजरायली इंटेलिजेंस का योगदान
Iran crisis: इससे पहले, इजरायली रक्षा मंत्री काट्ज़ ने इस ऑपरेशन की प्रशंसा की थी। उन्होंने कहा कि यह मिशन अमेरिका और इजरायल की सेनाओं की कठिन परिस्थितियों में भी एक साथ काम करने की क्षमता को दर्शाता है। इजरायली मीडिया के मुताबिक, ऑपरेशन में इजरायली इंटेलिजेंस ने महत्वपूर्ण मदद की। एयर फोर्स ने उस इलाके में हमलों को टालने में योगदान दिया। काट्ज़ ने चेतावनी दी कि अगर ईरान इजरायल पर मिसाइल हमला जारी रखता है, तो उसे भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।
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