Iran Indian students: जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन (जेकेएसए) ने ईरान में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्रों की बिगड़ती स्थिति को लेकर विदेश मंत्रालय को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। एसोसिएशन का कहना है कि पासपोर्ट रोके जाने, शैक्षणिक दबाव और क्षेत्रीय अस्थिरता के कारण छात्र खुद को असुरक्षित और फंसा हुआ महसूस कर रहे हैं।
पासपोर्ट रोके जाने से छात्र फंसे
जेकेएसए के अनुसार, ईरान में पढ़ रहे अधिकांश भारतीय छात्र जम्मू-कश्मीर से हैं। छात्रों ने बताया कि तेहरान स्थित शहीद बेहेश्ती यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज लंबे समय से बंद है, इसके बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन उनके पासपोर्ट वापस नहीं कर रहा। छात्र भारत लौटना चाहते हैं, लेकिन दस्तावेज न मिलने के कारण वे असहाय स्थिति में फंसे हुए हैं। इससे छात्रों और उनके परिवारों में भारी चिंता और मानसिक तनाव बढ़ गया है।
Iran Indian students: संकट के बीच भी परीक्षाओं का दबाव
एसोसिएशन ने यह भी आरोप लगाया कि ईरान यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज और शहीद बेहेश्ती यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज में छात्रों पर सेमेस्टर परीक्षाएं देने का दबाव बनाया जा रहा है, जबकि देश के कई अन्य विश्वविद्यालयों ने मौजूदा हालात को देखते हुए शैक्षणिक गतिविधियां स्थगित कर दी हैं। जेकेएसए ने इसे अमानवीय करार दिया है।
विदेश मंत्रालय से त्वरित कार्रवाई की अपील
जेकेएसए के राष्ट्रीय संयोजक नासिर खुहमी ने कहा कि क्षेत्रीय और भू-राजनीतिक तनाव लगातार बढ़ रहा है, जिससे हालात कभी भी बिगड़ सकते हैं। उन्होंने मांग की कि विदेश मंत्रालय ईरानी प्रशासन और भारतीय दूतावास से समन्वय कर छात्रों के पासपोर्ट तुरंत वापस दिलवाए, परीक्षाएं स्थगित कराई जाएं और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित वापसी की योजना तैयार रखी जाए।







