Iran-Israel tensions: ईरान-इज़राइल तनाव के बीच महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में रसोई गैस (एलपीजी) की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। पूरे राज्य में कंट्रोल रूम और जिला स्तर पर समितियां बनाई गई हैं ताकि घरेलू और व्यावसायिक सिलेंडरों की सप्लाई बिना रुकावट जारी रहे।
राज्यभर में कंट्रोल रूम और जिला समितियां
खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने सभी संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए हैं कि एलपीजी वितरण की निगरानी निरंतर की जाए। जिला समितियों में कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और गैस कंपनियों के अधिकारी शामिल होंगे। ये समितियां रोजाना स्थिति रिपोर्ट सरकार को भेजेंगी और किसी आपात स्थिति में वैकल्पिक ईंधनों के इस्तेमाल की योजना बनाएंगी।
Iran-Israel tensions: अस्पताल, स्कूल और सरकारी संस्थान
सरकार ने अस्पतालों, स्कूलों, सरकारी छात्रावास और आश्रम स्कूलों को प्राथमिकता देते हुए गैस आपूर्ति सुनिश्चित की है। सार्वजनिक संस्थानों और मिड-डे मील जैसी योजनाओं में किसी तरह की बाधा न आए, इसके लिए अलग प्राथमिकता आदेश लागू किए गए हैं।
अफवाहों से बचाव और नागरिक शिकायत समाधान
फर्जी खबरों और अफवाहों को रोकने के लिए राज्य में सूचना प्रसार की विशेष व्यवस्था की गई है। नागरिकों के लिए व्हाट्सऐप और अन्य चैनलों पर शिकायत समाधान सुविधा उपलब्ध कराई गई है। सरकार ने साफ कहा है कि राज्य में घरेलू एलपीजी की कोई कमी नहीं है।
Iran-Israel tensions: मांग पूरी करने के लिए पर्याप्त इंतजाम
महाराष्ट्र में एलपीजी की औसत दैनिक मांग लगभग 9,000 मीट्रिक टन है। रिफाइनरियों ने उत्पादन बढ़ाकर 11,000 मीट्रिक टन प्रतिदिन कर दिया है। व्यावसायिक एलपीजी का आवंटन केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार प्राथमिकता पर किया जा रहा है।
सरकार की अपील
महाराष्ट्र सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे गैस और ईंधन आपूर्ति को लेकर घबराएं नहीं और अफवाहों पर विश्वास न करें। सभी आवश्यक इंतजाम पूरी तरह सुनिश्चित किए गए हैं।
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