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बार-बार फोन कर जंग रोकने की गुहार लगा रहा ईरान, नहीं मान रहे ट्रंप

बार-बार फोन कर जंग रोकने की गुहार लगा रहा ईरान, नहीं मान रहे ट्रंप
बार-बार फोन कर जंग रोकने की गुहार लगा रहा ईरान, नहीं मान रहे ट्रंप

Iran vs Israel: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि लगातार सैन्य दबाव के कारण ईरान अब बातचीत के लिए आगे आ रहा है। उनके मुताबिक ईरान की ओर से कई बार संपर्क करने की कोशिश की गई है, लेकिन अमेरिका अभी अपने सैन्य अभियान को जारी रखे हुए है।ट्रंप ने कहा कि ईरान फोन कर यह जानना चाहता है कि समझौता कैसे किया जा सकता है, लेकिन उनके अनुसार अब यह पहल काफी देर से की जा रही है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और इजरायल मिलकर ईरान की सैन्य क्षमताओं को तेजी से कमजोर कर रहे हैं।

मिसाइल और लॉन्च सिस्टम को लगातार बनाया जा रहा निशाना

ट्रंप ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि संयुक्त सैन्य अभियान उम्मीद से ज्यादा तेजी से आगे बढ़ रहा है। उनके अनुसार अमेरिकी और इजरायली सेनाएं ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमताओं पर लगातार हमले कर रही हैं।उन्होंने दावा किया कि जैसे ही ईरान किसी मिसाइल को लॉन्च करता है, कुछ ही मिनटों में उसके लॉन्च सिस्टम को ट्रैक कर नष्ट कर दिया जाता है। ट्रंप के मुताबिक इस कार्रवाई में ईरान के कई सैन्य ठिकानों को गंभीर नुकसान पहुंचा है।

Iran vs Israel: ईरान की मिसाइल क्षमता को भारी नुकसान

अमेरिकी राष्ट्रपति के अनुसार अब तक ईरान की करीब 60 प्रतिशत मिसाइल प्रणाली और लगभग 64 प्रतिशत लॉन्च इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचाया जा चुका है।उन्होंने यह भी कहा कि ईरान की वायु रक्षा प्रणाली और सैन्य विमानन क्षमता पर भी बड़ा असर पड़ा है। ट्रंप का दावा है कि इस अभियान में ईरानी नौसेना को भी नुकसान हुआ है और कई जहाज नष्ट किए जा चुके हैं।ट्रंप ने ईरान की सैन्य और सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों से हथियार डालने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि अगर सुरक्षा तंत्र के लोग मौजूदा नेतृत्व से अलग होकर सहयोग करते हैं तो ईरान के लिए एक नया भविष्य तैयार किया जा सकता है।उन्होंने विदेशों में मौजूद ईरानी राजनयिकों से भी अपील की कि वे मौजूदा व्यवस्था से अलग होकर राजनीतिक बदलाव का समर्थन करें।

Iran vs Israel:सहयोग करने वालों को सुरक्षा का आश्वासन

ट्रंप ने कहा कि जो लोग सहयोग करेंगे उन्हें सुरक्षा और कानूनी संरक्षण दिया जाएगा। उनके अनुसार ऐसे लोगों को पूर्ण इम्यूनिटी दी जा सकती है ताकि वे बिना किसी डर के सहयोग कर सकें।उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका की यह रणनीति लंबे समय में क्षेत्रीय स्थिरता के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है।

मध्य पूर्व में बढ़ी चिंता, वैश्विक बाजार पर भी नजर

अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान के खिलाफ बढ़ती सैन्य कार्रवाई के कारण पूरे मध्य पूर्व में तनाव बढ़ गया है। कई देशों को आशंका है कि अगर यह संघर्ष और बढ़ा तो इसका असर वैश्विक ऊर्जा बाजार और तेल आपूर्ति पर भी पड़ सकता है।मध्य पूर्व से गुजरने वाले कई महत्वपूर्ण तेल मार्ग दुनिया की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद अहम माने जाते हैं। ऐसे में इस क्षेत्र में बढ़ते तनाव पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर बनी हुई है।