JNU: जेएनयू कैंपस में कथित तौर पर उमर खालिद और शरजीत इमाम के लिए नारों के बाद जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी फिर से विवादों में है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने आरोप लगाया है कि जेएनयू के अंदर की कुछ ताकतें विदेशी ताकतों के साथ मिली हुई हैं। दिल्ली विधानसभा के डिप्टी स्पीकर मोहन सिंह बिष्ट ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से कहा कि इस तरह के देश विरोधी नारे लगाना सही नहीं है, खासकर शैक्षणिक संस्थानों से, जहां सरकार और पूरा देश छात्रों से उम्मीद करता है कि वे देश और देशहित के लिए काम करने के लिए तैयार होकर निकलें। मोहन सिंह बिष्ट ने कहा कि जिस तरह के नारे लगे हैं, ऐसा बर्ताव बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
विदेशी ताकतों के साथ संबंध
जबकि भाजपा विधायक तरविंदर सिंह मरवाह ने आरोप लगाया कि जेएनयू के अंदर कुछ ऐसी ताकतें हैं, जिनके संबंध विदेशी ताकतों के साथ हैं। उन्होंने अपील की कि विवादित नारेबाजी करने वालों पर देशद्रोह का मुकदमा लगाया जाना चाहिए। वहीं, अरविंदर सिंह लवली ने जेएनयू कैंपस में लगे नारों को शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से जब न्यायपालिका ने फैसला सुनाया है, तो उसने सभी तथ्यों की जांच करने और हर पहलू पर विचार करने के बाद ऐसा किया है। इस देश में सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट से ऊपर कोई अथॉरिटी नहीं है। भाजपा विधायक ने कहा कि विपक्षी दलों को यह समझना चाहिए कि उन्हें देश के साथ खड़े होना है या देश के खिलाफ रहने वाले लोगों का साथ देना है।
भाजपा विधायक अजय महावर ने भी कहा कि देश में कई जगहों पर देशविरोधी तत्व इकट्ठा चुके हैं, इसलिए उन्हें खत्म करने में समय लग सकता है। उन्होंने कहा कि भारत में आतंकवाद और देश विरोधी सोच को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। भारत में रहने वाले हर व्यक्ति को देश का सम्मान करना चाहिए, उसके मूल्यों को मानना चाहिए और ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम’ जैसे नारे लगाकर देश के प्रति वफादारी दिखानी चाहिए। अगर कोई भारत में रहना चाहता है, तो उसे भारत के लोगों और भारतीयता की भावना का ख्याल रखना होगा।
JNU: अर्बन नक्सली गैंग का हिस्सा
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने जेएनयू कैंपस में लगे विवादित बयानों को लेकर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि उमर खालिद व शरजील इमाम जैसे लोग देश के चिकन नेक काटना चाहते हैं और कुछ लोगों की तरफ से ऐसे व्यक्तियों का बचाव करने की कोशिश की जा रही है। नारों से स्पष्ट है कि प्रदर्शन करने वाले लोग देश के ‘टुकड़े-टुकड़े’ करने वाले अर्बन नक्सली गैंग का हिस्सा हैं। क्योंकि जब से शरजील और उमर खालिद पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया है, तब से ‘टुकड़े-टुकड़े’ गैंग में हड़कंप मचा है। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि पृथ्वीराज चव्हाण, वृंदा करात, हुसैन दलवई और उदित राज जैसे नेताओं ने इसे सांप्रदायिक ऑर्डर बताया। उमर खालिद और शरजील इमाम जैसे लोग देश के चिकन नेक काटना चाहते हैं, ऐसे लोगों का बचाव किया गया है। अब बचाव में उतरते-उतरते देशविरोधी नारे और धमकी देने वाले नारे लग रहे हैं। यह वही नारे हैं जो पिछले दिनों कांग्रेस की रैली में लगे थे।






