ख़बर का असर

Home » Uncategorized » उत्तर केरल की राजनीति हिंसा केस में बड़ा फैसला, लतीश हत्याकांड में सात को उम्र कैद

उत्तर केरल की राजनीति हिंसा केस में बड़ा फैसला, लतीश हत्याकांड में सात को उम्र कैद

केरल के कन्नूर जिले में 2008 में हुए माकपा कार्यकर्ता के. लतीश हत्याकांड में अदालत ने सात दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। थलस्सेरी की अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने दोषियों पर जुर्माना भी लगाया। यह फैसला उत्तर केरल में राजनीतिक हिंसा के मामलों में एक अहम न्यायिक संदेश माना जा रहा है।
keral news:

Keral news: केरल के कन्नूर जिले की एक अदालत ने 2008 में हुए माकपा कार्यकर्ता के लतीश हत्याकांड में सात आरएसएस–भाजपा कार्यकर्ताओं को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इस फैसले के साथ उत्तर केरल में राजनीतिक हिंसा के सबसे जघन्य मामलों में से एक को न्यायिक रूप से निष्कर्ष मिला है।

दोषियों को 35 साल की कैद, जुर्माना भी लगाया

थलस्सेरी की अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने दोषियों पर 1.40 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। अदालत ने कानून की चार धाराओं के तहत कुल 35 वर्ष की सजा सुनाई, जो साथ-साथ चलेगी। इससे पहले अदालत ने आरोपी संख्या एक से सात को दोषी करार दिया था, जबकि आरोपी संख्या नौ से बारह को बरी कर दिया गया। आठवें आरोपी की सुनवाई के दौरान मृत्यु हो चुकी थी।

Keral news: लतीश हत्याकांड में दोषियों के नाम तय

दोषियों में पी. सुमिथ, के.के. प्रजीश बाबू, बी. निधिन, के. सनाल, रिजोश, सजीश और वी. जयेश शामिल हैं। बता दें कि माकपा कार्यकर्ता, सीटू मछुआरा यूनियन के नेता और थिरुवंगाड स्थानीय समिति के सदस्य के. लतीश (28) की 31 दिसंबर 2008 को शाम करीब 5.30 बजे थलस्सेरी के चक्याथुमुक्कु समुद्र तट पर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी।

Keral news: दहशत फैलाकर लतीश पर किया घातक हमला

अभियोजन पक्ष के अनुसार, हमलावरों ने पहले दहशत फैलाने के लिए बम फेंके और फिर लतीश का पीछा कर तलवारों और कुल्हाड़ियों से उन पर हमला किया। लतीश जान बचाने के लिए एक दोस्त के घर में घुसने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन हमलावरों ने उन्हें पकड़ लिया और घातक हमला कर दिया। इस हमले में लतीश के दोस्त और माकपा कार्यकर्ता मोहनलाल उर्फ लल्लू गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके अलावा बम हमले में संतोष, सुरेश और मजीद भी घायल हुए, जिन्हें इलाज की जरूरत पड़ी।

सामूहिक हमले में लतीश की नृशंस हत्या

अभियोजन का कहना है कि आरोपी अलग-अलग जगहों से हथियारों से लैस होकर आए, लतीश को घेर लिया और सामूहिक रूप से हमला किया। आरोप है कि सुमिथ ने तलवार से पहला वार किया, जबकि प्रजीश बाबू ने कुल्हाड़ी से गर्दन पर घातक चोट पहुंचाई। लतीश के जमीन पर गिरने के बाद भी हमलावरों ने उन्हें लगातार काटा और वार किया, फिर अतिरिक्त बम फेंकते हुए मौके से फरार हो गए।

भाई की शिकायत पर दर्ज हुआ था केस

मामले में सूचीबद्ध 64 गवाहों में से 30 के बयान अदालत में दर्ज किए गए। यह केस लतीश के भाई के. संतोष की शिकायत पर दर्ज किया गया था। इस फैसले को उत्तर केरल में राजनीतिक हिंसा के खिलाफ एक महत्वपूर्ण न्यायिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

यह भी पढें : कोयला तस्करी मामले में ईडी की बड़ी कार्रवाई, बंगाल से दिल्ली तक छापे

 

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments

Share this post:

खबरें और भी हैं...

Live Video

लाइव क्रिकट स्कोर

khabar india YouTube posterKhabar India YouTube

राशिफल